बस्तर में बाढ़ से हाहाकार, IAF के Mi-17 हेलीकॉप्टर से भी रेस्क्यू, 817 लोगों को सुरक्षित निकाला

बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में लगातार बारिश और इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। नदी का पानी बढ़ने के बाद जगदलपुर समेत आसपास के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। तेज बहाव और जलभराव के कारण कई जगहों पर लोग फंस गए, जिसके बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। स्थिति को देखते हुए भारतीय वायुसेना की मदद भी ली गई है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए IAF के Mi-17 हेलीकॉप्टर को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है। रविवार सुबह से ही वायुसेना की टीम हेलीकॉप्टर के जरिए उन क्षेत्रों में पहुंच रही है, जहां पानी का बहाव तेज होने के कारण नावों से पहुंचना मुश्किल है। ऐसे इलाकों में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
817 लोगों का रेस्क्यू
प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक कुल 817 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें 12 लोगों को भारतीय वायुसेना के Mi-17 हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट किया गया है। वहीं 805 लोगों को नावों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन और SDRF की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
जगदलपुर के कई इलाकों में फंसे लोग
बाढ़ का असर जगदलपुर शहर के कई इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। महापौर संजय पांडे के अनुसार डोंगाघाट और आसना इलाके में 50 से अधिक लोग बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं। इसके अलावा प्रवीर वार्ड और विजय वार्ड में भी 20 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की टीमें इन इलाकों में लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के मुताबिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
12.39 मीटर तक पहुंचा इंद्रावती का जलस्तर
बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के मुताबिक इंद्रावती नदी का जलस्तर बीती रात 12.39 मीटर तक पहुंच गया था। हालांकि अब जलस्तर घटकर करीब 12.2 मीटर पर आ गया है। इसके बावजूद कई इलाकों में पानी का बहाव अभी भी तेज है और हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर राहत शिविर बनाए हैं। इन शिविरों में 7,300 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
करीब 100 लोग अब भी फंसे
बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद घाटपद्मुर, पनारापारा और कोकापाल जैसे इलाकों में चुनौती बनी हुई है। तेज बहाव के कारण इन क्षेत्रों में करीब 100 लोगों के अब भी फंसे होने की जानकारी है। SDRF की टीमें नावों के जरिए इन इलाकों तक पहुंचने की लगातार कोशिश कर रही हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक खाद्य सामग्री और पानी पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर दोबारा भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से एयरलिफ्टिंग की जाएगी। फिलहाल प्रशासन, SDRF और वायुसेना की टीमें बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत पहुंचाने में जुटी हुई हैं।



