Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

शारदा मां लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के विरुद्ध कलेक्टर द्वारा दिए गए आदेश पर हाई कोर्ट ने दिया स्थगन आदेश

जांजगीर चांपा। जांजगीर नैला शहर के  पास कन्हाई बंद में संचलित शारदा मां लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालक पर विगत दिनों कलेक्टर ने भंडारण एवं परिवहन के कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दिया था। यह आदेश कलेक्टर द्वारा 16 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया था जिसमें क्षेत्रीय विधायक द्वारा उक्त कंपनी के संदर्भ में अनेक शिकायत की गई थी जिसके आधार पर कलेक्टर ने इस कंपनी के संचालन पर रोक लगा दी थी जबकि इस कंपनी के संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा 2 मार्च 2020 को समस्त दस्तावेजों के आधार पर खनन परिवहन एवं भंडारण से संबंधित लाइसेंस जारी किया गया था। कंपनी द्वारा अपने संचालन समय से नियमों का पालन करते हुए कार्य किया जा रहा था किंतु क्षेत्रीय विधायक की शिकायत पर उक्त कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई और पूर्व कलेक्टर द्वारा दिए गए अनुमति को वर्तमान कलेक्टर ने निरस्त कर दिया गया था तब से यह कंपनी बुरी तरह से बंद थी किंतु कंपनी द्वारा इस आदेश के विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील किया गया जिस पर विद्वान अधिवक्ताओं द्वारा अनेक तर्क प्रस्तुत किए गए।
उक्त कंपनी के अधिवक्ता का तर्क रहा है कि याचिकाकर्ता की कोयला भंडारण अनुमति  दिनांक 02.03.2020 को छत्तीसगढ़ गौण खनिज (खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियम, 2009 के नियम 15 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना आदेश दिनांक 16.09.2026 द्वारा निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने यह भी तर्क प्रस्तुत किया कि कारण बताओ नोटिस  का जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिए जाने के बावजूद, याचिकाकर्ता को सुनवाई का उचित अवसर नहीं  दिया गया और बिना कंपनी का पक्ष जाने बिना ही अनुमति निरस्त कर दी गई। इसलिए, इस आदेश को मनमाना होने की बात करते हुए और याचिका के लंबित रहने के दौरान इसके क्रियान्वयन पर रोक (Stay) लगाने की प्रार्थना की गई।
कंपनी के अधिवक्ता ने हाई कोर्ट को कहा कि
यह पूरी कार्रवाई केवल संबंधित विधायक (MLA) द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की गई है, जबकि कानून में यह स्पष्ट प्रावधान है कि यदि याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोई प्रतिकूल आदेश पारित किया जाना प्रस्तावित है, तो उसे उचित नोटिस दिया जाना अनिवार्य है। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत केवल एक औपचारिकता नहीं हैं और उनका विधिवत पालन किया जाना चाहिए। वर्तमान मामले में ऐसा प्रतीत होता है कि इसका पालन नहीं किया गया है। कुल मिलाकर कलेक्टर ने जिन बिंदुओं के आधार पर इस कंपनी के संचालन की अनुमति निरस्त किया गया था उन बिंदुओं को हाईकोर्ट ने जानकारी दी है और कंपनी के संचालन को लेकर उक्त आदेश पर रोक लगा दी है
बहरहाल शारदा मां लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमटेड कंपनी को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है जो अब पूर्व की तरह अपने कार्यों का संचालन कर सकती है।

See also  CG News: छत्तीसगढ़ में अवैध खनन पर बड़ा वार, अब 25 हजार से कम नहीं होगा जुर्माना

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!