ब्लैक स्पॉट पर अब होगी सख्ती, सुधारात्मक कार्यों की समय-सीमा तय
टाटीबंध, भाठागांव, बेमता-भुइंया सहित प्रमुख दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की हुई समीक्षा, अतिक्रमण और अवैध ढाबों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर, 23 सितंबर 2026। जिले के विभिन्न दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉटों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और हादसों की रोकथाम के लिए किए जा रहे सुधारात्मक कार्यों की समीक्षा की गई। माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश के अनुपालन में परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में रायपुर जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉटों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों, निर्माण एजेंसियों और सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक सुधारात्मक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में टाटीबंध, भाठागांव, बेमता-भुइंया, सिलतरा ओवरब्रिज-निको गेट तथा पारागांव-निसदा मोड़ सहित अन्य ब्लैक स्पॉटों पर सड़क सुरक्षा से संबंधित किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। सचिव परिवहन श्री एस. प्रकाश ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
अतिक्रमण और अवैध ढाबों पर होगी कार्रवाई
बैठक में ब्लैक स्पॉट के आसपास सड़कों पर किए गए अनधिकृत अतिक्रमण और अवैध ढाबों को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि सड़क के किनारे ऐसे किसी भी अवैध निर्माण या गतिविधि को बढ़ावा न मिले, जिससे यातायात बाधित हो या दुर्घटना की स्थिति निर्मित हो।
इसके साथ ही शराब दुकानों के आसपास भी यातायात व्यवस्था की समीक्षा कर सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता वाले स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी एवं संकेतक बोर्ड लगाने पर भी जोर दिया गया।
डिवाइडर कटिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने पर रोक
सड़क सुरक्षा के लिए बैठक में अनधिकृत डिवाइडर कटिंग को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ओवर-स्पीडिंग तथा गलत दिशा में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमित निगरानी और कार्रवाई पर भी जोर दिया गया।
इसी तरह अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जरूरत के अनुसार गति नियंत्रण से संबंधित उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि ब्लैक स्पॉट की भौगोलिक और यातायात संबंधी परिस्थितियों के आधार पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
सड़क चौड़ीकरण और अन्य सुधार कार्यों पर जोर
बैठक में आवश्यकता के अनुसार सड़क चौड़ीकरण, मार्ग सुधार, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक लगाने तथा अन्य जरूरी तकनीकी कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट की वर्तमान स्थिति का मौके पर परीक्षण कर उन कमियों को चिन्हित करने कहा गया, जिनके कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
सचिव परिवहन ने आम नागरिकों में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जन-जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि वाहन चालकों और आम लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाना जरूरी है।
फोटोग्राफ सहित देना होगा अनुपालन प्रतिवेदन
सचिव परिवहन श्री एस. प्रकाश ने सभी संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि ब्लैक स्पॉट पर किए जाने वाले कार्यों की पूर्व एवं वर्तमान स्थिति का अनुपालन प्रतिवेदन तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराया जाए। प्रतिवेदन के साथ आवश्यक फोटोग्राफ भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किए गए सुधारात्मक कार्यों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जा सके।
बैठक में संयुक्त परिवहन आयुक्त एवं अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) वाई. अक्षय कुमार, उप परिवहन आयुक्त मनोज कुमार ध्रुव सहित लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, आबकारी, परिवहन एवं यातायात विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लेकर ब्लैक स्पॉटों पर चल रहे कार्यों की जानकारी साझा की।



