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200 से ज्यादा देशों में जाती हैं भारत की दवाइयां, अकेले अमेरिका को इतनी मेडिसिन सप्लाई करता है इंडिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर पोस्ट करके फार्मा सेक्टर पर 100 फीसदी का टैरिफ लगा दिया, ट्रंप ने ये टैरिफ ब्रांडेड और पेटेंट फार्मा इंपोर्ट पर लगाया है, जिसके बाद से भारत का फार्मा सेक्टर और उसकी ओर से अमेरिका को किए जाने वाला एक्सपोर्ट फिर से सुर्खियों में आ गया है. आपको बता दें ट्रंप की ओर से फार्मा सेक्टर पर लगाया गया है टैरिफ 1 अक्टूबर से लागू होगा. आइए जानते हैं भारत अमेरिका को कौन-कौन से दवाइयां एक्सपोर्ट करता है और किन दवाओं पर ट्रंप टैरिफ प्रभावी होगा.

US एक्सपोर्ट होती हैं ये दवा
भारत दुनिया के बड़े दवा एक्सपोर्ट में शुमार है, भारत से अमेरिका के लिए जेनेरिक और ब्रांडेड दोनों ही तरह की दवा जाती हैं. इसके साथ ही भारतीय फार्मा कंपनी US के अलावा यूरोप और दूसरे देशों टीके भी एक्सपोर्ट करते हैं. आपको बता दें ट्रंप टैरिफ केवल ब्रांडेड दवाओं पर ही लागू होगा. ऐसे में जेनरिक दवाइयां पहले की तरह एक्सपोर्ट होती रहेगी.

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सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट होती हैं ये दवा
अमेरिका में भारतीय फार्मा कंपनियों की ओर से सबसे ज्यादा जेनेरिक दवा एक्सपोर्ट होती है. cureton.in की रिपोर्ट के अनुसार भारत से जेनेरिक दवाओं में सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट होती है वो है पेरासिटामोल. इसके अलावा जेनेरिक दवाओं में आइबुप्रोफेन (सूजन-रोधी दवा), मेटफार्मिन (मधुमेह की दवा), एटोरवास्टेटिन (कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा) और ओमेप्राजोल (एसिड रिफ्लक्स और अल्सर का इलाज) की दवा एक्सपोर्ट होती है.

ये होती हैं ब्रांडेड दवा एक्सपोर्ट
जेनेरिक दवाओं के अलावा अमेरिका भारत से कई जीवन रक्षक ब्रांडेड दवा इंपोर्ट करता है, जिसमें एंटीबायोटिक, हार्ट संबंधी दवाएं, डायबिटीज की दवाएं, पेन किलर, कैंसर की दवा, एंटीवायरस एचआईवी की दवा और वैक्सीन इंपोर्ट करता है. आपको बता दें कोविड के टाइम भारत सरकार ने कुछ दवाओं के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी थी, जिससे भारत में जरूरी दवाओं का स्टॉक मौजूद रहे.

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इन देशों में सबसे ज्यादा दवा होती हैं एक्सपोर्ट
अगर भारत के फार्मा सेक्टर के सालाना एक्सपोर्ट की बात करें तो भारतीय फार्मा कंपनी सालाना करीब 25 बिलियन डॉलर की दवा विदेशों में एक्सपोर्ट करती हैं, जिसमें सबसे ज्यादा दवा अमेरिका के लिए होती हैं. इसके बाद ब्रिटेन, जर्मनी, रूस, ब्राजील और साउथ अफ्रीका के लिए भारतीय फार्मा कंपनी दवा एक्सपोर्ट करती हैं.अगर भारतीय दवा कंपनियों की बात करें तो सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सिप्ला, ल्यूपिन, अरबिंदो फार्मा और ज़ाइडस लाइफसाइंसेज जैसे प्रमुख कंपनी ब्रांडेड दवा बनाती हैं.

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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