Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

छत्तीसगढ़ में जल्द होगा नए DGP का ऐलान, IPS अरुण देव गौतम का पलड़ा भारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति होने के संकेत मिल रहे हैं। लंबे समय से प्रभारी DGP के रूप में चल रही व्यवस्था अब बदल सकती है। इस पद के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारियों अरुण देव गौतम और हिमांशु गुप्ता के नाम चर्चा में हैं, जिनमें अरुण देव गौतम को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

UPSC नोटिस के बाद बढ़ा दबाव
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राज्य सरकार से यह सवाल किया था कि अब तक स्थायी DGP की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद देरी पर आयोग ने जवाब तलब किया था, जिससे अब सरकार पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है।

See also  CG NEWS : छत्तीसगढ़ में 400 बच्चे अब भी लापता, देश में 6वें स्थान पर राज्य; ऑपरेशन मुस्कान से 581 गुमशुदा बच्चे परिवार से मिले

दो नामों का पैनल भेजा गया
UPSC ने 13 मई 2025 को 1992 बैच के अरुण देव गौतम और 1994 बैच के हिमांशु गुप्ता का पैनल राज्य सरकार को भेजा था। सामान्यतः तीन नाम भेजे जाते हैं, लेकिन इस बार पात्र अधिकारियों की संख्या सीमित होने के कारण दो नाम ही शामिल किए गए।

प्रभारी DGP के रूप में गौतम
पूर्व DGP अशोक जुनेजा के 4 फरवरी 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद अरुण देव गौतम को प्रभारी DGP बनाया गया था। तब से वे इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार’ मामले में स्पष्ट किया है कि DGP की नियुक्ति नियमित प्रक्रिया से होनी चाहिए और ‘प्रभारी’ व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। हाल ही में कोर्ट ने देरी पर सख्त टिप्पणी भी की थी।

Advertisment

अरुण देव गौतम का अनुभव
अरुण देव गौतम 1992 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं और उनका लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है। वे छत्तीसगढ़ के कई जिलों—कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर—में SP रह चुके हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उनकी कार्यशैली को काफी प्रभावी माना जाता है।

See also  पादरी बजिंदर सिंह को 2018 के यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद...

अहम जिम्मेदारियां निभा चुके
वे पुलिस मुख्यालय, CID, वित्त, प्रशासन और मुख्यमंत्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी काम कर चुके हैं। झीरम घाटी नक्सली हमले के बाद उन्हें बस्तर IG की जिम्मेदारी दी गई थी, जहां उन्होंने चुनौतीपूर्ण हालात में काम किया।

जल्द हो सकता है फैसला
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और UPSC के निर्देशों के बाद अब माना जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द ही नए DGP के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकती है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!