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शादी डाट काम में नौकरी लगाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार… बैक पासबुक, एटीम कार्ड, मोबाइल, लैपटाप, कंपनी सम्बन्धी दस्तावेज एवं बैनर-पोस्टर जप्त…

शादी डाट काम में नौकरी लगाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
बैक पासबुक, एटीम कार्ड, मोबाइल, लैपटाप, कंपनी सम्बन्धी दस्तावेज एवं बैनर-पोस्टर जप्त
जांजगीर-चांपा। शादी डाट काम में नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से नया बैक खाता खुलवाकर खाते का गलत उपयोग कर धोखाधड़ी करने के मामले में नवागढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस प्रकरण में सम्मिलित अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों से बैक पास बुक, एटीम कार्ड, मोबाइल, एक नग लैपटाप, ग्राहकों के पासबुक एवं उनकी कंपनी संबधी दस्तावेज एवं बैनर पोस्टर जप्त किया है। पूछताछ में पता चला है कि महंगे शौक पूरा करने के लिए आरोपी धोखाधड़ी करते थे।
पुलिस ने बताया कि प्रार्थी रामचरण यादव द्वारा थाना नवागढ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि ग्राम मिस्दा निवासी क्रांति कुमार कश्यप नौ दिसंबर 2022 को उसके घर आया और शादी डाट काम में नौकरी लगवाने की बात कहते हुए 5000 रुपये की मांग करने लगा। उसने बताया कि उक्त राशि से बैंक में खाता खुलवाएगा। इसके बाद वह क्रांतिकुमार, प्रार्थी और गांव के सोमनाथ साहू को अपने साथ शादी डाट काम में कार्य कराने के लिये टाटानगर ले गया और वहाँ प्रार्थी के नाम से इंडसइंड बैंक एवं दो और बैक में खाता खुलवाया था। बैक का पास बुक एवं अन्य दस्तावेज को क्रांतिकुमार अपने पास रखा था। उसके दो-तीन दिन बाद प्रार्थी दोनों को वापस ग्राम मिस्दा भेज दिया। प्रार्थी के मोबाईल नंबर में बैंक से मैसेज आने पर प्रार्थी को पता चला कि उसके खाता क्रमांक में रकम लेन-देन हो रहा है तो प्रार्थी क्रान्तिकुमार से पैसे के बारे मे पूछा तो क्रांति कुमार बोला कि मैसेज आना बंद हो जाएगा और कुछ नही बताया तो प्रार्थी को लगा कि उसके नाम के खाता का गलत उपयोग हो रहा है तो प्रार्थी द्वारा अपने खाते कोे बंद करा दिया गया। उस समय उसके खाते में करीबन 521000 रुपये थे। उसके बाद क्रांति कुमार, योगेश्वर एवं एक अन्य व्यक्ति प्रार्थी के पास आए और खाता का पैसे को मागे तो प्रार्थी पैसे को क्रांति कुमार को वापस कर दिया। इसके बाद भी तीनों व्यक्ति पुनः प्रार्थी के पास आये और पैसे की मांग करने लगे। पैसे नहीं देेने पर प्रार्थी और उसके घरवालों को जान से मारने की धमकी दिये।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध धारा 384, 420, 34 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुये आरोपी क्रांति कुमार कश्यप उम्र 26 साल निवासी ग्राम मिस्दा एवं योगेश्वर सावरा उम्र 27 साल निवासी ग्राम कुरियारी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उनको अपने शौक पूरी करने के लिये कार, मोबाइल, घर लेने के लिए पैसे की जरूरत थी तो इन लोगो ने शादी डाट काम जैसे कंपनी खोलकर पैसा कमाने की योजना बनाई। ये सब मिलकर अपने दोस्त के नाम से भारतीय रिश्ते और क्रांति कुमार के नाम से लक्ष्मी इन्फो सर्विस नाम से आनलाइन कंपनी, शादी के रिश्ते कराने का काम करने वाली कंपनी बनाये थे, जिसका आफिस जमशेदपुर में खोले थे। कंपनी खोलने से कोई खास फायदा नही हुआ तो इन लोगो ने अन्य लोगो को नौकरी दिलाने और शादी कराने के नाम पर ठग कर उनसे धोखाधड़ी कर पैसा कमाने की योजना बनाई तो क्रांति कुमार कश्यप, योगेश्वर और अन्य साथी मिलकर लोगो को शादी डाट काम मे नौकरी लगाने का झांसा देकर उनसे पैसे ले लेते थे और जिन लोगो को नौकरी लगाने का झासा देते थे, उन को बोलते थे कि पेमेंट लेने के लिए पहले तुम लोगों को नया बैक खाता खुलवाना पड़ेगा और खाता को हमको उपयोग करने के लिए देना होगा। ऐसा करके लोगों को ठग कर नए लोगों से शादी डाट काम में नौकरी लगाने के नाम पर पैसा ले लेते थे और इनको एक नया खाता भी मिल जाता था। ठगी करने से जो पैसा मिलता था, उसको आरोपी अपने बैक खाता में न डालकर जिन लोगों का नया बैक खाता खुलवाते थे, उसमे डालते थे और बाद में निकालकर बांट लेते थे। नए बैक खाता का एटीएम और पास बुक आरोपी अपने पास रखते थे। इसके अलावा उनके खाता में मोबाइल नंबर भी आरोपी अपने हिसाब से जोडवाते थे, जिससे उन बैक खातों को नेट बैकिग के माध्यम से उपयोग कर सके। आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर उनसे बैक पास बुक, एटीम कार्ड, मोबाइल, एक नग लैपटाप, कंपनी संबधी दस्तावेज एवं बैनर पोस्टर जप्त किया गया। आरोपी क्रांति कुमार कश्यप एवं योगेश्वर सावरा को 26 मार्च को विधिवत रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा गया है। प्रकरण में सम्मिलित अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।
उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक विवेक कुमार पांडेय, उप निरीक्षक बीपी तिवारी, महिला प्रधान आरक्षक स्वाति गिरोलकर, प्रधान आरक्षक राधेश्याम पूर्णा, आरक्षक विष्णु कश्यप, दिलीप कश्यप, रामदेव साहू, शिवभोला कश्यप, बलराम यादव एवं विरेन्द्र सूर्यवंशी शामिल थे।



