Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

छत्तीसगढ़: नेशनल और स्टेट हाईवे सहित सड़कों पर जानवरों को लेकर हाई कोर्ट सख्त, शासन से मांगी रिपोर्ट…

छत्तीसगढ़: नेशनल और स्टेट हाईवे सहित सड़कों पर जानवरों को लेकर हाई कोर्ट सख्त, शासन से मांगी रिपोर्ट।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में नेशनल और स्टेट हाईवे सहित सड़कों को आवारा मवेशियों से मुक्त करने की दिशा में चल रही जनहित याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट ने सुनवाई की। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने शासन से अपने पूर्व आदेशों के अनुपालन की जानकारी मांगी।

शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ठाकुर कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने बताया कि मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए बनाए जाने वाले एसओपी का ड्रॉफ्ट अभी अंतिम रूप में तैयार नहीं हुआ है। इसे पूरा करने के लिए 15 दिन का समय आवश्यक है।

See also  RAIPUR:धीरेंद्र शास्त्री का बस्तर में कथा, जल्द तय होगा कार्यक्रम...

हाई कोर्ट ने शासन के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को तय की है। कोर्ट ने 23 अक्टूबर 2024 को दिए गए आदेश के अनुपालन में मुख्य सचिव को राजमार्गों और सड़कों पर मवेशियों की समस्या रोकने उठाए गए कदमों पर नया हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

इसमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा के संभागीय आयुक्तों द्वारा किए गए संभागीय सर्वेक्षण की रिपोर्ट भी पेश की गई थी।

गठित समिति की रिपोर्ट पेश नहीं

Advertisment

हाई कोर्ट ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया कि अन्य राज्यों द्वारा अपनाए गए तंत्र और उनकी प्रभावशीलता की जांच करने के लिए गठित समिति की रिपोर्ट अभी तक पेश नहीं की गई है। कोर्ट ने इस पर भी जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

See also  Bank Holiday in December: 5, 10 या 15 नहीं पूरे 18 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें आरबीआई की हॉलिडे लिस्ट

शासन और अन्य विभागों को आवारा मवेशियों की समस्या को रोकने और प्रभावी कार्य योजना तैयार करने के लिए निर्देशित करते हुए कोर्ट ने मामले पर नजर बनाए रखने के आदेश दिए हैं।

सर्वेक्षण रिपोर्ट में हुए प्रमुख बिंदु शामिल

राज्य के सभी जिलों में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के साथ सरकारी एजेंसियों ने पशु मालिकों की बैठकें आयोजित की।
सड़कों के किनारे आवारा पशुओं के विश्राम के लिए स्थान चिह्नित किए गए और उनकी सफाई व समतलीकरण की प्रक्रिया की गई।

इन सभी बैठकों और चिह्नित स्थानों की संख्या को विस्तृत सर्वेक्षण रिपोर्ट में शामिल किया गया है।

See also  दीनदहाड़े में 11 लाख 80 हजार की झूठी लूट का खुलासा, प्रार्थी ही निकला मास्टरमाइंड

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!