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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सीमेंट महंगा! MP से ज्यादा रेट ने बढ़ाई चिंता, Cement Hub होने के बाद भी CG उपभोक्ताओं को क्यों नहीं राहत…

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सीमेंट की कीमतों में तेज उछाल ने बाजार और निर्माण सेक्टर दोनों को हिला दिया है। मिली जानकारी के अनुसार आगामी 18 मई को प्रदेश के बेस मार्केट में PPC सीमेंट का रेट ₹245 प्रति बोरी तक पहुंच जाएगा, जबकि OPC सीमेंट में कई इलाकों में ₹80 तक की बढ़ोतरी दर्ज होने जा रही है। सबसे बड़ा सवाल अब यही उठ रहा है कि जिस राज्य में बड़े पैमाने पर सीमेंट उत्पादन हो रहा है, वहीं उपभोक्ताओं को मध्यप्रदेश की तुलना में अधिक कीमत क्यों चुकानी पड़ रही है?यह मुद्दा अब सिर्फ व्यापारिक नहीं रहा, बल्कि रियल एस्टेट, सरकारी प्रोजेक्ट्स और आम परिवारों पर सीधा असर डालने लगा है।

छत्तीसगढ़ बना Cement Hub, फिर भी महंगी बोरी

रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग, भिलाई और जांजगीर जैसे इलाकों में देश की कई बड़ी सीमेंट कंपनियों के प्लांट मौजूद हैं। चूना पत्थर, कोयला और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी यहां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ को लंबे समय से देश का प्रमुख Cement Production Hub माना जाता है।

लेकिन जमीनी स्थिति इससे उलट दिखाई दे रही है।स्थानीय बाजार में नॉन-ट्रेड सीमेंट के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ठेकेदारों और डीलरों का कहना है कि जो बोरी कुछ महीने पहले ₹300–310 में मिल रही थी, वह अब ₹340 तक पहुंच चुकी है। कई क्षेत्रों में ट्रांसपोर्ट और टैक्स जोड़ने के बाद रेट इससे भी ऊपर जा रहे हैं।

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मध्यप्रदेश में कैसे मिल रही राहत?

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अगर MP Cement Rates पर नजर डालें तो सतना, कटनी, रीवा और मैहर जैसे क्षेत्रों में कई ब्रांड्स तुलनात्मक रूप से कम कीमत पर उपलब्ध हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश में कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा ज्यादा होने के कारण बाजार में कीमतें नियंत्रित रहती हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में कुछ बड़े ब्रांड्स का दबदबा अधिक होने से सप्लाई और रेट दोनों सीमित कंपनियों के हाथ में केंद्रित दिखाई देते हैं।

MP-CG सीमेंट रेट तुलना ने बढ़ाई बहस

सबसे ज्यादा चिंता नॉन-ट्रेड सीमेंट को लेकर बढ़ रही है, क्योंकि इसका उपयोग सड़क, पुल, सरकारी भवन और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में किया जाता है।

क्या कंपनियों की रणनीति बढ़ा रही महंगाई?

व्यापारी संगठनों और बिल्डर्स का आरोप है कि बड़ी कंपनियां सप्लाई को नियंत्रित कर बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करती हैं। इससे कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं।

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रायपुर और दुर्ग के कई कारोबारियों का कहना है कि कई बार वही ब्रांड दूसरे राज्यों में कम रेट पर उपलब्ध होता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में महंगा बिकता है। इससे कार्टेलाइजेशन की आशंकाएं फिर तेज हो गई हैं।

सरकारी प्रोजेक्ट्स और हाउसिंग सेक्टर पर असर

सीमेंट रेट बढ़ने का असर अब सीधे सरकारी योजनाओं पर दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क निर्माण और शहरी विकास परियोजनाओं की लागत बढ़ रही है।छोटे बिल्डर्स और मध्यम वर्गीय परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। जिन लोगों ने घर निर्माण शुरू किया था, उनका बजट तेजी से बिगड़ रहा है।विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले महीनों में प्रति बोरी ₹20–30 की और बढ़ोतरी हो सकती है।

लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन भी बड़ा कारण

विशेषज्ञों के अनुसार इंटर-स्टेट ट्रांसपोर्ट, डीलर नेटवर्क और सप्लाई वितरण की रणनीति भी कीमतों को प्रभावित कर रही है।हालांकि छत्तीसगढ़ में उत्पादन अधिक है, लेकिन कई कंपनियां दूसरे राज्यों में ज्यादा सप्लाई भेजती हैं, जहां उन्हें बेहतर मार्जिन मिलता है। इसका सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है।

आम लोगों में बढ़ रही नाराजगी

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प्रदेश में तेजी से बढ़ते Cement Price Hike को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिस राज्य से देशभर में सीमेंट सप्लाई हो रही है, वहीं स्थानीय लोगों को राहत नहीं मिलना समझ से परे है।अब नजर इस बात पर है कि सरकार और नियामक एजेंसियां इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती हैं।

इन सवाल-जवाब से समझें पूरा माजरा

सवाल: छत्तीसगढ़ में सीमेंट महंगा क्यों हो रहा है?

जवाब: सप्लाई कंट्रोल, सीमित प्रतिस्पर्धा, ट्रांसपोर्ट लागत और बाजार रणनीति को मुख्य कारण माना जा रहा है।

सवाल: क्या मध्यप्रदेश में सीमेंट सच में सस्ता है?

जवाब: कई जिलों में प्रतिस्पर्धा अधिक होने के कारण कुछ श्रेणियों में MP के रेट CG से कम हैं।

सवाल: सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ रहा है?

जवाब: छोटे बिल्डर्स, मध्यमवर्गीय परिवार और सरकारी निर्माण परियोजनाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं।

सवाल: क्या आगे और रेट बढ़ सकते हैं?

जवाब: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले महीनों में कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।

सवाल: नॉन-ट्रेड सीमेंट क्या होता है?

जवाब: यह सीमेंट मुख्य रूप से बड़े निर्माण और सरकारी प्रोजेक्ट्स में उपयोग किया जाता है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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