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अपहरण, लूट और हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास, प्रधान सत्र न्यायाधीश जांजगीर का फैसला, हत्या कर कार लूटने वाले आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी

जांजगीर-चांपा, 21 जुलाई । बहुचर्चित अपहरण, लूट एवं हत्या के मामले में माननीय प्रधान सत्र न्यायाधीश जांजगीर श्री जयदीप गर्ग की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 397/120-बी, 364 एवं 201 के तहत दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक अपराध में आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
कार लूटने की साजिश से शुरू हुआ था पूरा घटनाक्रम
लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 का है। आरोपियों ने किराये की कार लूटकर बेचने और उससे पैसा कमाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने नया मोबाइल नंबर लेकर चालक को अमरकंटक ले जाने के बहाने कार बुक कराई।
बिलासपुर ट्रेवल्स की कार क्रमांक सीजी-04-पीसी-1378, जिसे चालक रमाकांत तिवारी चला रहे थे, को 13 अप्रैल 2024 की रात को कोटमी सोनार से अमरकंटक जाने के लिए बुक किया गया था।
रात लगभग 10:30 बजे चालक रमाकांत तिवारी कार लेकर पहुंचे, जिसमें तीनों आरोपी सवार हुए। रास्ते में एक ढाबे पर रुककर आरोपियों ने चालक की हत्या की योजना बनाई। देर रात करीब 2 बजे गोरेला-पेंड्रा मार्ग पर भोजन के बहाने कार रुकवाई गई और चालक रमाकांत तिवारी का गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद पत्थरों से सिर पर कई वार कर उनकी मौत सुनिश्चित की गई।
शव छिपाने की कोशिश, फिर नहर किनारे फेंका
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कार की पिछली सीट में रखा और अपने एक परिचित नाबालिग युवक की मदद से शव को छिपाने की योजना बनाई। सुबह उजाला होने के कारण शव को दफनाना संभव नहीं हो सका। पुलिस जांच से बचने के लिए आरोपियों ने चालक के शव को सारागांव थाना क्षेत्र के लघु नहर किनारे फेंक दिया और कार लेकर फरार हो गए।
बाद में लोगों की आवाजाही बढ़ने और पुलिस की सक्रियता के कारण आरोपी कार को ग्राम पचरी के पास छोड़कर भाग गए। पुलिस ने वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
15 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर हुई दोषसिद्धि
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य, गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य तकनीकी प्रमाण एकत्रित किए। प्रकरण में कुल 15 गवाहों के बयान न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। अदालत ने पाया कि सभी साक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और आरोपियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र रचकर चालक का अपहरण, लूट और हत्या किए जाने का अपराध संदेह से परे सिद्ध होता है।
इन आरोपियों को मिली सजा
न्यायालय ने निम्न आरोपियों को दोषी ठहराया—
1. राहुल श्रीवास (21 वर्ष), निवासी ग्राम लटिया, थाना अकलतरा
2. सोमप्रभात साहू (20 वर्ष), निवासी ग्राम तरौद, थाना अकलतरा
3. विवेकपुरी उर्फ विवेकपुरी गोस्वामी (21 वर्ष), निवासी ग्राम तरौद, थाना अकलतरा
तीनों आरोपियों को हत्या, अपहरण, लूट और साक्ष्य मिटाने के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने प्रभावी पैरवी की।



