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Bihar Politics : नीतीश सरकार में ‘कुशवाहा’ फैमिली फैशन! बेटा बिना चुनाव जीते बना मंत्री, RJD बोला– वंशवाद!

पटना : बिहार में नई सरकार का गठन हो गया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10वीं बार शपथ ली। लेकिन इस बार हर किसी की निगाहें थी… उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश पर। जी हां, यह वही महानुभाव हैं जो विधायक नहीं हैं, पर मंत्री बन गए। लगता है बिहार की राजनीति में “योग्यता” से ज्यादा चलता है वंशवाद और परिवार का दबदबा।

“पापा ही बताएंगे क्यों बने मंत्री”
दीपक प्रकाश ने जब उनसे पूछा गया कि उन्हें मंत्री क्यों बनाया गया, तो उनका जवाब था: “पापा बताएंगे।” यानी साफ है कि कैबिनेट में शामिल होने के लिए खुद का नाम या क्षमता मायने नहीं रखती, बस परिवार का प्रभाव काफी है। हां, 6 महीने के भीतर किसी सदन में नहीं घुसे तो मंत्री पद छोड़ना होगा – लेकिन बिहार में इतना टाइम बहुत है।

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विपक्ष की प्रतिक्रिया: वंशवाद जी हाँ!
इधर इस बाबत राजनीति गर्मा गयी है और आरजेडी ने तुरंत वंशवाद वाले मंत्रियों की लिस्ट जारी कर दी। इसमें 10 नाम शामिल हैं – जैसे जीतन राम मांझी, शकुनी चौधरी और हमारे प्रिय उपेंद्र कुशवाहा। बिहार में अब साफ है – योग्यता से ज्यादा चलता है रिश्तों और परिवार का जादू।

कुशवाहा की नाराजगी का इलाज: बेटा बने मंत्री
चुनाव से पहले सीट बंटवारे को लेकर कुशवाहा की नाराजगी हर किसी ने देखी थी। इसका इलाज? सीधा और आसान: बेटा मंत्री बना दो! बिहार में “जुड़वा मंत्रिमंडल” का नया ट्रेंड: मां विधायक, बेटा मंत्री, पिता… आराम से फैसले लेते रहें।

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जानें कौन हैं दीपक प्रकाश?

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  • जन्म: 1989
  • पिता: उपेंद्र कुशवाहा, आरएमएल प्रमुख
  • शिक्षा: बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग, सिक्किम मणिपाल
  • राजनीति: 2019 से सक्रिय, अब सीधे कैबिनेट में शामिल
    अब अगर थोड़ा सरकास्टिक अंदाज में कहा जाए तो, दीपक प्रकाश ने राजनीति का “फास्ट ट्रैक” अपनाया – बिना चुनाव जीते सीधे मंत्री बनना। बिहार में एक बार अब यही चलता दिखा है कि: कनेक्शन, परिवारवाद और ठीक समय पर ही सही एक अयोग्य शख्स को मौका।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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