Bengal Chunav Analysis : बंगाल विधानसभा में बड़ा बदलाव! घटी मुस्लिम और महिला विधायकों की संख्या, चौंकाने वाले नए आंकड़े

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस परिणाम के बाद राज्य की राजनीति के साथ-साथ सामाजिक और जातीय प्रतिनिधित्व में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
मुस्लिम और महिला प्रतिनिधित्व में गिरावट
नए विधानसभा आंकड़ों के अनुसार इस बार मुस्लिम और महिला विधायकों की संख्या में कमी आई है। 2021 में जहां 42 मुस्लिम विधायक थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 36 रह गई है। इसी तरह महिला विधायकों की संख्या भी 46 से घटकर 34 हो गई है।
महिला प्रतिनिधित्व पर असर
तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों से महिलाएं विधानसभा पहुंची हैं, लेकिन कुल संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। यह बदलाव राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दिशा में नए समीकरणों को दर्शाता है।
जातीय प्रतिनिधित्व में बदलाव
बंगाल विधानसभा में कायस्थ विधायकों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि दलित और आदिवासी प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है। राज्य में दलितों के लिए 68 सीटें आरक्षित हैं और कुल 70 दलित विधायक चुने गए हैं, जबकि 16 आदिवासी विधायक भी विधानसभा पहुंचे हैं।
बीजेपी का बढ़ता प्रभाव
चुनाव के दो चरणों में बीजेपी ने मजबूत प्रदर्शन किया। फेज-1 और फेज-2 दोनों में पार्टी ने बड़ी संख्या में सीटें जीतकर राज्य के अधिकांश जिलों में बढ़त बनाई है।
नई राजनीतिक दिशा
इन नतीजों के बाद बंगाल विधानसभा की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है, जहां राजनीतिक ताकत के साथ सामाजिक प्रतिनिधित्व का संतुलन भी नए रूप में सामने आया है।



