शासकीय लोहे के पाइप चोरी का मुख्य सरगना रायपुर से गिरफ्तार, लोरमी पुलिस ने भेजा जेल
नल-जल योजना के 24 डीआई पाइप चोरी कर बेचने का मामला, कबाड़ी संचालक और अपचारी पूर्व में हो चुके हैं गिरफ्तार

मुंगेली, 18 अगस्त 2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में लोरमी पुलिस ने शासकीय संपत्ति चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी पर ग्राम गोड़खाम्ही में नल-जल योजना के लिए रखे गए लोहे के डीआई पाइप चोरी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, थाना लोरमी क्षेत्र के ग्राम गोड़खाम्ही नहर रोड गाड़ाटोला मोड़ के पास निर्माण स्थल पर शासकीय नल-जल योजना के तहत 30 नग डीआई पाइप रखे गए थे। इनमें से 24 नग डीआई पाइप, प्रत्येक 250 एमएम साइज, दिनांक 10 जून 2026 को चोरी हो गए थे। चोरी गए पाइपों की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई थी।
इस संबंध में प्रार्थी बालगा भास्कर राव निवासी खरजाड़ा, थाना एवं जिला श्रीकाकुलम, आंध्रप्रदेश, हाल मुकाम करही मुंगेली की रिपोर्ट पर थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 272/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(2), 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी।
कबाड़ी दुकान तक पहुंची पुलिस की जांच
विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी किए गए लोहे के पाइपों को अनुपपुर-शहडोल मार्ग स्थित कुदौली की एक कबाड़ी दुकान में बेच दिया गया है। सूचना की तस्दीक के बाद लोरमी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कबाड़ी दुकान में दबिश दी।
मौके पर दुकान संचालक अनुज कुमार नामदेव, निवासी पोड़ी, थाना एवं जिला अनुपपुर (मध्यप्रदेश), मिला। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए पाइपों को 13 जून 2026 को ट्रक क्रमांक CG 04 MG 3817 में लाकर उसके यहां बिक्री के लिए रखा गया था। पूछताछ में मुख्य सरगना अमित सिंह एवं वाहन चालक से पाइप खरीदने की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने कबाड़ी दुकान से चोरी गए पाइप बरामद कर आरोपी अनुज कुमार नामदेव को 28 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।
घटना में नाबालिग की भूमिका भी सामने आई
जांच के दौरान एक विधि से संघर्षरत बालक की भूमिका भी सामने आई, जिसके द्वारा चोरी किए गए लोहे के पाइपों को ट्रक में भरकर बिक्री के लिए भेजने में सहयोग किया गया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की तथा विधि से संघर्षरत बालक को 30 जून 2026 को न्यायालय के आदेश पर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया।
हालांकि, इस मामले का मुख्य सरगना अमित सिंह ठाकुर घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना से रायपुर में पकड़ा गया आरोपी
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लोरमी पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली और तकनीकी सहायता के माध्यम से आरोपी का ठिकाना रायपुर में चिन्हित किया गया।
इसके बाद पुलिस टीम ने 16 अगस्त 2026 को रायपुर में दबिश देकर अमित सिंह ठाकुर को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपी को 17 अगस्त 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
अमित सिंह ठाकुर, पिता ज्ञानेन्द्र सिंह, उम्र 29 वर्ष, निवासी छोटे अतरगुड़ा, थाना चक्रधरनगर, जिला रायगढ़, वर्तमान निवासी संतोषीनगर, रायपुर।
पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
पूरी कार्रवाई में निरीक्षक अखिलेश वैष्णव, थाना प्रभारी लोरमी, प्रधान आरक्षक दयाल गवास्कर, आरक्षक राजू साहू, देवी नवरंग, दिलेश्वर साहू, रेखराम नेताम, कवि टोप्पो एवं ईश्वर मरावी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को संपत्ति संबंधी अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तथा मामलों में त्वरित वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में लोरमी पुलिस की इस कार्रवाई को शासकीय संपत्ति चोरी के मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।



