जांजगीर-बिर्रा। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक सांस्कृतिक परंपरा भोजली को ऐतिहासिक और भव्य रूप देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत बिर्रा ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को सभी वार्ड पंच अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर माताओं और बहनों को गेहूं वितरण कर रहे हैं ताकि परिवार समय पर उत्सव की रीतियाँ शुरू कर सकें। सरपंच पीलीबाई एकादशिया साहू ने बताया कि इस बार भोजली उत्सव को पहले से संगठित और भव्य रूप में मनाया जाएगा।
पंचों ने हर घर तक गेहूं पहुँचाने का कार्य स्वयं संभाला ताकि पारंपरिक रस्में सुचारू रूप से पूरी हों। वितरण का मकसद न केवल अनाज देना है बल्कि समुदाय में एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना भी है। भोजली रक्षाबंधन के बाद आने वाला एक लोकप्रिय पर्व है जिसमें गेहूं के दाने भिगोकर टोकरी में उगाए जाते हैं और 7-9 दिनों तक पूजा की जाती है। वही अध्यक्ष निर्माण एवं विकास समिति, एकांश पटेल (पंच वार्ड क्रमांक 09) ने कहा कि गेहूं का यह वितरण अच्छी फसल और समृद्धि के प्रतीक के रूप में महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय परंपराओं को समर्थन मिलेगा। ग्रामीणों में उत्साह दिखाई दे रहा है; कई परिवारों ने कहा कि पंचायत की इस पहल से पर्व मनाने में सहजता और गरिमा आई है।