सक्ती पावर प्लांट हादसा: 20 मजदूरों की मौत, 36 झुलसे; मुआवजे और जिम्मेदारी पर सवाल

सक्ती। जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है, जबकि 36 मजदूर झुलस गए हैं। मृतकों में 4 छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, जबकि बाकी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से थे। कई घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है।
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बुधवार को 7 शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया, वहीं जिला अस्पताल में 5 शवों का पीएम हुआ। जिन 5 मृतकों के परिजन नहीं पहुंच पाए, उनके शवों का पोस्टमॉर्टम गुरुवार को किया जाएगा। इस दौरान परिजनों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन रायगढ़ पहुंचकर घायलों से मुलाकात करेंगे और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी लेंगे। प्लांट प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और नौकरी देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया गया है। वहीं राज्य सरकार ने मृतकों के परिवार को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए सहायता देने की घोषणा की है।
हादसे में घायल कुछ मजदूरों का इलाज रायगढ़ और रायपुर के अस्पतालों में जारी है। प्लांट सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, घायलों में 12 लोग छत्तीसगढ़ के हैं, जबकि बाकी अन्य राज्यों से हैं।
इस घटना पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने मामले की जांच के आदेश देते हुए कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



