Raipur Crime : रायपुर रेंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑपरेशन साइबर शील्ड में दो और साइबर ठग राजस्थान से गिरफ्तार

रायपुर। ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम जॉब के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ चलाए जा रहे #ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर रेंज पुलिस ने फरार आरोपी आशीष परिहार और लक्ष्मन देवासी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ देशभर के 13 साइबर सेल और थानों में मामले दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
58 लाख रुपये की साइबर ठगी
मामला थाना राखी और धरसीवां में दर्ज किया गया था।
* प्रार्थी पारस कुमार धीवर ने थाना राखी में 24 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर अपराध क्रमांक 224/24 धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज हुआ।
* वहीं ललित साहू ने थाना धरसीवां में 34 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। इस पर अपराध क्रमांक 179/24 धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता तथा 66(D) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
पहले तीन आरोपी हो चुके थे गिरफ्तार
जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और टेलीग्राम ऐप से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान और महाराष्ट्र में दबिश देकर पूर्व में तीन आरोपियों—
* भवानी सिंह (अजमेर, राजस्थान)
* उत्पल पंचारिया (जोधपुर, राजस्थान)
* साहिल संतोष (नासिक, महाराष्ट्र)
को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के बाद दो अन्य मुख्य आरोपी—
* आशीष परिहार (नसीराबाद, अजमेर)
* लक्ष्मन देवासी (पाली, राजस्थान)को भी गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम फ्रॉड ऐसे पहचानें
* आसान टास्क/लाइक/रिव्यू के बदले मोटी कमाई का लालच
* काम शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन या सिक्योरिटी फीस की मांग
* WhatsApp या Telegram पर फर्जी HR कॉल/मैसेज
* संदिग्ध APK या लिंक डाउनलोड करवाना
* OTP, UPI Collect या बैंक डिटेल साझा करवाना
सतर्क रहने के उपाय
* किसी भी नौकरी के लिए पहले से फीस न दें
* कंपनी की वेबसाइट, आधिकारिक ईमेल और ऑफिस एड्रेस की जांच करें
* अनजान लिंक, QR कोड या OTP साझा न करें
* ऐप केवल Google Play Store या App Store से ही डाउनलोड करें
* चैट, स्क्रीनशॉट और ट्रांजैक्शन ID सुरक्षित रखें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।



