आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती : पीएम मोदी…

नई दिल्ली,27अक्टूबर। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में रविवार को 22वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। प्रधानमंत्री और आसियान नेताओं ने संयुक्त रूप से आसियान-भारत संबंधों में प्रगति की समीक्षा की और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की पहलों पर चर्चा की। यह भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की 12वीं भागीदारी थी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में तिमोर-लेस्ते को आसियान का 11वां सदस्य बनने पर बधाई दी, आसियान के पूर्ण सदस्य के रूप में अपने पहले आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और इसके मानव विकास के लिए भारत के निरंतर समर्थन का संदेश दिया।पीएम मोदी ने आसियान एकता, आसियान केंद्रीयता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर आसियान दृष्टिकोण के लिए भारत के समर्थन को दोहराते हुए आसियान समुदाय विजन 2045 को अपनाने के लिए आसियान की सराहना की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आसियान-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की शीघ्र समीक्षा से हमारे लोगों के लाभ के लिए हमारे संबंधों की पूर्ण आर्थिक क्षमता का दोहन हो सकता है और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है, और उन्होंने आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में एकता के महत्व पर बल दिया।
मलेशियाई अध्यक्ष के ‘समावेशीपन और स्थायित्व’ विषय के समर्थन में प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी (2026-2030) को क्रियान्वित करने के लिए आसियान-भारत कार्य योजना के कार्यान्वयन हेतु विस्तारित समर्थन। आसियान-भारत पर्यटन वर्ष मनाते हुए पर्यटन सहयोग को मजबूत करने के लिए सतत पर्यटन पर आसियान-भारत संयुक्त नेताओं के वक्तव्य को अपनाना। ब्लू इकोनॉमी में साझेदारी बनाने के लिए वर्ष 2026 को ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष’ के रूप में नामित करना। सुरक्षित समुद्री वातावरण के लिए द्वितीय आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की बैठक और द्वितीय आसियान-भारत समुद्री अभ्यास आयोजित करने का प्रस्ताव। भारत पड़ोस में संकट के समय प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेगा, और आपदा तैयारी और एचएडीआर में सहयोग को और मजबूत करेगा।



