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कीटनाशक दुकानों पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो दुकानें सीलबंद
एक दुकान में 40 किलो और 40 लीटर कीटनाशक के विक्रय पर प्रतिबंध, पांच दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस

जांजगीर-चांपा। खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक के अनुरूप कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जिले में कीटनाशक विक्रेताओं के विरुद्ध लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उप संचालक कृषि जांजगीर-चांपा की अगुवाई में जिला एवं विकासखंड स्तरीय संयुक्त दल ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को जिले के विभिन्न निजी कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कीटनाशक विक्रय में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर विभागीय अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई की।
औचक निरीक्षण के दौरान कीटनाशक निरीक्षकों ने मेसर्स प्रकाश कृषि केंद्र, ग्राम झरना, विकासखंड बम्हनीडीह तथा मेसर्स ओम प्रकाश कृषि केंद्र, ग्राम पौना, विकासखंड अकलतरा में कई गंभीर अनियमितताएं पाईं। दोनों प्रतिष्ठानों द्वारा कीटनाशक लाइसेंस में आवश्यक स्रोत प्रमाण पत्र का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर के संधारण, मूल्य सूची चस्पा करने तथा किसानों को कीटनाशक बिक्री की सत्यापित बिल बुक उपलब्ध कराने संबंधी नियमों का भी पालन नहीं पाया गया।
जांच के दौरान इन दोनों कृषि केंद्रों में प्रतिबंधित कीटनाशक पैराकाट भी पाए जाने की जानकारी सामने आई। अनियमितताओं की गंभीरता को देखते हुए विभागीय टीम ने दोनों दुकानों को सीलबंद करने की कार्रवाई की।
इसी तरह मेसर्स गुप्ता कृषि केंद्र, कमरीद में भी कीटनाशक अनुज्ञप्ति में आवश्यक स्रोत प्रमाण के बिना कीटनाशक का विक्रय किया जाना पाया गया। इसके बाद विभाग ने प्रतिष्ठान में उपलब्ध सात कंपनियों के कुल 40 किलोग्राम एवं 40 लीटर कीटनाशक दवाओं के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की।
निरीक्षण अभियान के दौरान जिले के अन्य निजी कृषि केंद्रों में भी कीटनाशक विक्रय से संबंधित दस्तावेजों एवं नियमों की जांच की गई। अनियमितता पाए जाने पर पांच निजी कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग की इस कार्रवाई से जिले के कीटनाशक विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति है।
नियमों का पालन नहीं करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
उप संचालक कृषि जांजगीर-चांपा ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप कीटनाशक उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। किसी भी विक्रेता द्वारा नियमों का उल्लंघन कर अमानक, प्रतिबंधित अथवा बिना आवश्यक दस्तावेजों के कीटनाशकों का विक्रय किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग द्वारा जिले के सभी निजी कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस कीटनाशक बिक्री, लाइसेंसधारियों द्वारा बिना वैध स्रोत प्रमाण पत्र के कीटनाशक विक्रय तथा कीटनाशक नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी सीलबंदी, विक्रय प्रतिबंध सहित अन्य नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों ने कीटनाशक विक्रेताओं को नियमों का पालन सुनिश्चित करने तथा किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत बिल एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं किसानों से भी अपील की गई है कि वे कीटनाशक खरीदते समय अधिकृत विक्रेता से ही दवा लें और उसका बिल अवश्य प्राप्त करें।



