Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

कांग्रेस टिकट पर सस्पेंस बरकरार, सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले पर ओबीसी कार्ड की चर्चा, बीजेपी ने बनाये रखा बैलेंस, अजा सीट के अलावा एक में सामान्य एक में ओबीसी उम्मीदवार उतरा मैदान में…

कांग्रेस टिकट पर सस्पेंस बरकरार
 
सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले पर ओबीसी कार्ड की चर्चा
 
बीजेपी ने बनाये रखा बैलेंस, अजा सीट के अलावा एक में सामान्य एक में ओबीसी उम्मीदवार उतरा मैदान में 
 
जांजगीर-चांपा। जांजगीर चांपा विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर भारतीय जनता पार्टी जांजगीर चांपा जिले की तीनों सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है तो उधर कांग्रेस में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है सर्वाधिक चर्चा जांजगीर चांपा विधानसभा को लेकर है। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल को लगातार छठवीं बार यहां से टिकट दी है। कांग्रेस में अभी मंथन का दौर चालू है ज्यादातर दावेदार दिल्ली में अपने-अपने गॉडफादर के पास जमे हुए हैं ताकि टिकट उनके नाम पर आए कांग्रेस के अंदर खाने से यह बात चर्चा में है कि 25 साल बाद कांग्रेस यहां से अपना उम्मीदवार बदल सकती है। सर्वाधिक चर्चा व्यास नारायण कश्यप के नाम को लेकर है यहां बता देना लाजमी होगा कि भारतीय जनता पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद पिछला चुनाव के पहले व्यास नारायण ने बसपा ज्वाइन कर ली थी बसपा से चुनाव लड़कर उन्होंने तीसरा स्थान प्राप्त किया था लेकिन इसके बाद वे कांग्रेस में आ गए थे कृषि उपज मंडी का अध्यक्ष इन्हें बनाया गया है सूत्रों का कहना है कि जांजगीर चंपा के लिए वे मुख्यमंत्री की पहली पसंद  बने हुए हैं वैसे तो जिला मुख्यालय के विधानसभा सीट होने के कारण यहां कांग्रेस में टिकट चाहने वालों की कतार अच्छी खासी लंबी है परंतु जिन नाम को लेकर पार्टी कार्यकर्ता चर्चा कर रहे हैं उनमें छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास का नाम भी चल रहा है। राजनीति में हालात व अवसर बदलते देर नहीं लगती तीन-चार दिनों पहले तक या माना जा रहा था कि कांग्रेस इस बार जांजगीर चांपा सीट से महंत रामसुंदर दास को उतारने जा रही है। उनके समर्थक भी इससे पूरी तरह अस्वस्थ थे टिकट की जुगाड़ में दिल्ली बैठे लोगों के बीच से जो बात आ रही है उसका कहना है कि महंत राम सुंदर दास फाइनल होते-होते चूक गए हैं उन्हें रायपुर दक्षिण शिफ्ट करने के तैयारी है। तीसरी सबसे बड़े चर्चे उम्मीदवार मोतीलाल देवांगन के हैं पिछले 25 सालों से पार्टी उन्हें पांच बार मौका दे चुकी है जिसमें वह दो बार निर्वाचित हो चुके हैं। भाजपा ने पांच बार के उनके प्रतिद्वंदी नारायण चंदेल को रिपीट किया है तो यह माना जा रहा था कि मोतीलाल देवांगन ही प्रत्याशी होंगे परंतु उनके टिकट इस बार काट दी जाए तो आश्चर्य की बात नहीं होगी। पीसीसी संयुक्त महामंत्री इंजी रवि पांडेय,पूर्व जिलापंचायत सदस्य दिनेश शर्मा,नौकरी छोड़कर टिकट की दावेदारी कर रहे परमेश्वर सिंह राठौर के अपने अपने दावे हैं। पर यह माना जा रहा है कि टिकट की दौड़ से ये बाहर हो चूके हैं। एक-दो दिन में कांग्रेस की लिस्ट आने की संभावना है।
इंजी पांडेय दे सकते हैं तगड़ी टक्कर
पीसीसी के संयुक्त महासचिव लगातार इस विधानसभा क्षेत्र में  सक्रिय हैं। वे नेता प्रतिपक्ष को तगड़ी टक्कर दे सकते हैं। राजनीतिक व सामाजिक पृष्ठभूमि के साथ युवाओं में उनकी गहरी पैठ है। उनके दादा स्व धर्म दत्त पांडेय अपने जमाने में न्याय पंचायत के नाम से प्रसिध्द रहे है। बड़े पिता पंडित रघुराज पांडेय कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे है। खुद इंजीनियरिंग रवि पांडेय लगातार सक्रिय रहे है। पार्टी संगठन में  सदस्यता अभियान में कीर्तिमान बना चुके हैं। सभी वर्गों में अपने कार्यो से उन्होंने विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी टिकट फाइनल होने पर इस क्षेत्र में इतिहास बन सकता है।
ओबीसी का रहा है वर्चस्व
पुरानी चांपा, पुनः सृजित  जांजगीर चांपा में चुने जाते रहे हैं ओबीसी विधायक सन 1952 से विधानसभा सीट चांपा सृजित  हुई है। इसके पहले विधायक रामकृष्ण राठौर इसके बाद बिसाहूदास दास महंत उनके पुत्र चरणदास महंत,मोतीलाल देवांगन, जनसंघ से जीवनलाल साव,भाजपा से नारायण चंदेल इस क्षेत्र के विधायक निर्वाचित हुए हैं ये सभी ओबीसी वर्ग हैं।इस बार भी भाजपा ने यहाँ सोशल इंजीनियरिंग को ध्यान में रखते ओबीसी को ही तवज्जो दी है।
राठौर समाज के दावेदार भी आये आगे
आगामी विधानसभा चुनाव में चांपा से कांग्रेस पार्टी चेहरा बदल सकती हैं। विधानसभा ओ.बी.सी. पिछडावर्ग बाहुल्य है। विगत ढाई दशक पांच चुनावों से मोती लाल देवांगन व उसके पहले के 5 चुनावों में डॉ. चरण दास महंत नेतृत्व करते रहे हैं। इस विधानसभा में लगभग 28000 मतदाता राठौर जाति के हैं। सन 1990 से छात्र जीवन से कांग्रेस के प्रति सक्रिय 1990 से 1995 तक एनएसयूआई तब से अबतक कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे कार्यकर्ता परमेश्वर सिंह राठौर भी कांग्रेस के दावेदारों में सक्रिय हो गये हैं। वे  जिले में डॉ. चरणदास महंत के करीबी लोगों में गिने जाते हैं ये 1995 से वकालत व्यवसाय से जुड़ने के बाद 1997 से गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर में सरकारी सेवा में चले गये परन्तु कांग्रेस के लोगों से मिलना जुलना नेताओं की अगुवानी व खासकर डॉ. महंत के कार्यक्रमों में सक्रियता से भाग लेते रहे हैं। गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर में 26 वर्षों तक सेवा करने के बाद सेवा से त्यागपत्र देकर राजनीति में आना चाहते हैं और चांपा विधानसभा से ओ.बी.सी. पिछडावर्ग बाहुल्य एवं राठौर जाति की अधिकाधिक संख्या होने के कारण चुनाव में गंभीरता से अपना दावा कर रहें है। राठौर ने एक मुलाकात में बताया कि लोकतंत्र में अपना पक्ष रखने का अधिकार सभी को है और में छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़ा हूँ जिसके नाते मेरा स्वाभाविक हक बनता है कि मैं आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से अपना दावा प्रस्तुत करूं जिसके चलते मैने अपने 26 वर्षों के शासकीय सेवा को त्यागपत्र दे दिया है। बाकी पार्टी को तय करना है कि मुझे चुनाव में आजमाती है या कांग्रेस कोई पद देकर मुझे जिम्मेदारी देती है उन्होंने अपनी निष्ठा कांग्रेस पार्टी के प्रति बताई है और आगे कांग्रेस पाटी पर 1 अपना भविष्य छोड़ दिया है कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी देती है उसे पूर्णतः निभाया जायेगा। आगामी विधानसभा में टिकट के लिए पूरा प्रयास करने एवं पार्टी हित में आगे कार्य करने को सर्वोपरि बताया है। उन्होंने अपना आवेदन नियमानुसार ब्लाक कांग्रेस कमेटी को समय में सौंप दिया है।
सर्व समाज ने की ओबीसी को टिकट देने की मांग 
छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ जांजगीर-चांपा छ.ग. छत्तीसगढ़िया सर्व समाज छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग को विधानसभा चुनाव 2023 में प्रतिनिधित्व देने की मांग की। जांजगीर छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश में टिकट वितरण में पिछड़ा वर्ग के उपेक्षा पर रोष व्यक्त करते हुए, पर्याप्त प्रतिनिधित्व अवसरों की मांग की है। इस तारतम्य में छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले को पिछड़ा वर्ग बहुल्य जिला बताते हुए कहा की, प्रदेश स्तर पर प्रमुख राजनैतिक दलो द्वारा पिछड़ो की उपेक्षा को सुधारे जाने एवं टिकट वितरण में जनसंख्या के हिसाब से पिछड़ा वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व देने की नितांत आवश्यकता है। अतः उन्होने सभी राजनैतिक दलो से पिछड़ा वर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्रदान करने की अपील की है। मोती पटेल जिला अध्यक्ष, छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ ने की है।

See also  तीरंदाजी की तीर निशाने पर, एकलव्य जैसी प्रतिभाओं को अकादमियों के माध्यम से मिल रहे द्रोण जैसे गुरु, तीरंदाजी के लिए अच्छी अधोसंरचना प्रदेश में तैयार, 126 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था...

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!