Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
Uncategorized

टेंपल सिटी शिवरीनारायण में अवैध शराब की बिक्री जोरों पर आबकारी विभाग नहीं लगा पा रहा अंकुश,खुले में बिक रही अवैध शराब…

जांजगीर-चांपा। अंचल में बड़े पैमाने पर महुआ सहित देशी प्लेन शराब बेचने का कारोबार धडल्ले से चल रहा है। शिवरीनारायण सहित आस पास के क्षेत्र में गाली मोहल्लों में जगह-जगह पर खुलेआम कच्ची महुआ शराब सहित देशी प्लेन खुलेआम शराब बेची जा रही है। शिवरीनारायण क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री नहीं रुक रही है क्षेत्र में शराब कोचियों को आखिर किसका संरक्षण मिला है जिससे शराब माफिया खुलेआम शराब को बेच रहे है, क्षेत्र में कानून व्यवस्था विफल होते नजर आ रहा है।
शिवरीनारायण क्षेत्र में अवैध शराब की कोचियागिरी कम होती नजर ही नही आ रही। शराब का कारोबार क्षेत्र में लगातार फल-फूल रहा है। लेकिन आबकारी महकमे की सुस्ती से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हाल यह है कि होटल और ढाबे ही नहीं, बल्कि किराना दुकान व फल की दुकान में भी शराब की बिक्री जोरो में है।  होटल ढाबों पर तो बार की तरह ग्राहकों को शराब परोसी जा रही है। अवैध रूप से शराब का कारोबार कर रहे ढाबा व होटल मालिक इस गोरख धंधे से चांदी काटने में मशगूल हैं। शाम होते ही होटलें व ढाबे मयखाने बन जाते है। इन ढाबा संचालकों के हौसले इतने बुलंद है कि रात की बात तो दूर ये ग्राहकों को दिन के समय भी खुलेआम शराब परोसने में गुरेज नहीं करते है। ग्रामीण क्षेत्रों से शहर में आने वाले लोग जाते समय थोड़ी देर होटल व ढाबों रुककर जाम से जाम टकराने के बाद निकलते हैं।
गांव में खुली गुमटियों में शराब अब आसानी से मिल जा रही है। इससे जहां शिवरीनारायण क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है, वहीं लोग व आस पास के ग्रामीणों की आर्थिक स्थित पर भी इसका असर पड़ रहा है। ग्रामीणों को शराब की लत लग जाने से उनका घरेलू बजट बिगड़ जा रहा है। इसका खामियाजा युवतियों और महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। इधर शराब की अवैध बिक्री से महिलाओं व अब स्कूली छात्राओ को सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीण इलाकों में शराब ने जमाई पैठ
बता दें कि ग्रामीण इलाकों में शराब ने इस कदर अपनी पैठ जमा ली है कि इसकी चपेट में युवा, और नाबालिग बच्चे भी आ रहे है। वहीं गांव में चल रहे अवैध शराब की बिक्री की वजह से इन्हें आसानी से शराब उपलब्ध हो जाता है ऐसे में पुलिस और आबकारी विभाग को इन पर शख्त कार्रवाई करने की आवश्कता है।
ज्यादा नशीली बनाने के लिए मिला रहे जहर
कच्ची शराब महुआ लहान, गुड़ को सड़ाकर उसमें नौसादर मिलाकर कच्ची शराब बनाई जाती है। महुआ या गुड़ जब सड़ जाता है तो इसे बड़े बर्तन में भट्टी पर पकने रख देते हैं। एक नली से बर्तन से भाप बोतल में एकत्र की जाती है यह भाप ठंडी होने पर तरल रूप में आ जाती है। शराब में नशा बढ़ाने के लिए उसमें यूरिया, ऑक्सीटोसिन, बेसरम मिलाते हैं, जो जहरीला होता है। चिकित्सकों के अनुसार केमिकल कम ज्यादा होने पर शराब जहरीली हो जाती है, जो जान भी ले सकती है।
लगातार नहीं होती कार्रवाई
कहीं न कहीं आबकारी विभाग की लापरवाही से यह कारोबार लगातार फल- फूल रहा है। जब शराब खोरी पकड़ने का टारगेट पूरा करना होता है तभी अवैध व कच्ची शराब पकडऩे व नष्ट करने का दिखावे के लिए अभियान चलाया जाता है, मगर मामला ठंडा पड़ते ही अवैध शराब की निगरानी ढीली कर दी जाती है। जिससे फिर से अवैध शराब क्षेत्र में बननी शुरु हो जाती है।

See also  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहा है हवाई सेवाओं का विस्तार, रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर शहरों को जोड़ने नई विमान सेवा 19 दिसंबर से शुरू होगी, पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी बुकिंग, शुरूआती किराया मात्र 999...

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!