वायरल वीडियो से खुली पोल: सारागांव थाना में पदस्थ आरक्षक ‘लहरें’ करता है अवैध वसूली, रेत माफियाओं से सेटिंग का खुलासा….

जांजगीर-सारागांव। सारागांव थाना में पदस्थ आरक्षक लहरें इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बन हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने विभाग की साख को गंभीर चोट पहुँचाई है। इस वीडियो में ट्रैक्टर मालिक और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हो रही बातचीत के दौरान यह साफ तौर पर सामने आया है कि आरक्षक लहरें अवैध रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टर चालकों से खुलेआम पैसे वसूलता है।
पैसे दो, ट्रैक्टर चलाओ — आरक्षक की ‘सेटिंग व्यवस्था’ उजागर
वायरल वीडियो में स्थानीय लोग बताते सुने जा रहे हैं कि जब तक “लहरें” को पैसा नहीं दिया जाता, ट्रैक्टर आगे नहीं बढ़ सकता। यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि क्षेत्र में रेत माफिया और पुलिस के बीच गठजोड़ बना हुआ है और कानून की रक्षा करने वाली वर्दी, अवैध व्यापार की दलाली में लिप्त हो चुकी है।
पुलिस की साख सवालों के घेरे में
आरोप है कि उक्त आरक्षक ने अवैध रेत परिवहन को लेकर बाकायदा अपनी ‘दर’ तय कर रखी है, जो प्रति ट्रैक्टर वसूली जाती है। यह पूरी गतिविधि पुलिस की जानकारी में चल रही है या नहीं, इस पर थाना प्रभारी की चुप्पी और भी संदेह पैदा कर रही है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो जनता का पुलिस से भरोसा उठ जाएगा। उन्होंने मांग की है कि आरक्षक लहरें को तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष जांच की जाए।अब बड़ा सवाल ये है — क्या पुलिस विभाग अपनी छवि बचाने के लिए कठोर कदम उठाएगा या यह मामला भी रफादफा कर दिया जाएगा?
आपके माध्यम से जानकारी हुई है वीडियो देख उचित कार्यवाही की जाएगी।
विजय पाण्डेय
पुलिस अधीक्षक



