कुर्सी का नहीं छूट रहा मोह, जिला पंचायत अध्यक्ष का पुनः निज सहायक बनने जोड़तोड़ में जुटा शिक्षाकर्मी, विद्यालय के बजाय पूरे समय तक जिला पंचायत में जमाए रहता है डेरा, जिला पंचायत के अधिकांश अधिकारी-कर्मचारियों में गहरी नाराजगी…

जांजगीर-चांपा। जिला पंचायत अध्यक्ष जांजगीर-चांपा का निज सहायक बनने के लिए एक शिक्षाकर्मी ने पूरी ताकत झोंक दी है। यही वजह है कि वह विद्यालय में जाकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय इन दिनों पूरे समय जिला पंचायत कार्यालय जांजगीर-चांपा में डेरा जमाए रहता है। बता दें कि वह विगत कार्यकाल में जिला पंचायत अध्यक्ष का निज सहायक रह चुका है, जिसके कारण उसके मन से कुर्सी का मोह नहीं छूट रहा है।
गौरतलब है कि राज्य शासन ने आदेश जारी कर गैरशिक्षकीय कार्य में लगे समस्त शिक्षकों को मूल पदस्थान पर भेज दिया है, जिसके तहत शिक्षकों को अपने मूल पदस्थान में ही रहकर बच्चों को अध्यापन कार्य करवाना है। मगर, जिले में अधिकांश शिक्षक अभी भी जनप्रतिनिधियों के निज सहायक के रूप में कार्य कर रहे हैं। जबकि, उनको मूल पदस्थान पर भेजे जाने का आदेश शिक्षा विभाग द्वारा काफी समय पहले जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद, वे शासन एवं विभागीय आदेश को धता बता रहे हैं। ताजा मामला जिला पंचायत जांजगीर-चांपा से संबंधित है, जहां विगत कार्यकाल में जिला पंचायत अध्यक्ष रही श्रीमती यनीता यशवंत चंद्रा के लिए निज सहायक बतौर जिस शिक्षाकर्मी को नियुक्त किया गया था, उसका कार्यकाल त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के साथ ही समाप्त हो चुका है। बावजूद इसके, वह महीनों तक जिला पंचायत कार्यालय में ही डटा रहा और वहां के समस्त कामकाज में अपनी दखलंदाजी करता रहा। इधर, निर्वाचन कार्य संपन्न होने के बाद अब जब नई अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी के लिए निज सहायक के रूप में किसी अन्य कर्मचारी को नियुक्त किया जा चुका है। इसके बाद भी पूर्व में निज सहायक बतौर कार्य करने वाला शिक्षाकर्मी एक बार पुनः जिला पंचायत की नई अध्यक्ष का निज सहायक बनने पूरी जोड़तोड़ में लगा हुआ है। उल्लेखनीय है कि जिले में संचालित समस्त शासकीय विद्यालय विगत एक जुलाई से प्रारंभ हो चुके हैं, जहां पदस्थ शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है। शासन-प्रशासन ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए गैरशिक्षकीय कार्य में संलग्न समस्त शिक्षकों को उनके मूल स्थान पर भेजे जाने का आदेश काफी समय पहले ही जारी कर दिया है। इसके बाद भी विद्यालय में अपनी उपस्थिति देकर विद्यार्थियों को अध्यापन कार्य करवाने के बजाय संबंधित शिक्षाकर्मी पूरे समय तक जिला पंचायत कार्यालय में अपना डेरा जमाकर पुनः निज सहायक बनने की हरसंभव कवायद कर रहा है। इस बात को लेकर जिला पंचायत कार्यालय के अधिकांश अधिकारी-कर्मचारियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
प्रत्येक कामकाज में की दखलंदाजी
पूर्व में जिस शिक्षाकर्मी को जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं श्रीमती यनीता यशवंत चंद्रा के निज सहायक के रूप में नियुक्त किया गया था, उसने पूरे कार्यकाल के दौरान जिला पंचायत कार्यालय के प्रत्येक कामकाज में अपनी भरपूर दखलंदाजी की। सिर्फ इतना ही नहीं, वह अपनी मनमर्जी के मुताबिक ही जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों से समस्त कार्य करवा रहा था। बताया जाता है कि इस बात से परेशान होकर कई अधिकारी-कर्मचारियों ने अपनी नौकरी तक छोड़ दी। वहीं कुछ अधिकारी- कर्मचारियों ने अपना तबादला अन्य जिलों में करवा लिया।
राज्य स्तर पर शिकायत की तैयारी
जिला पंचायत कार्यालय में अब जब उसी शिक्षाकर्मी को बतौर निज सहायक पुनः लाए जाने की खबर उड़ रही है तो यहां के अधिकांश अधिकारी-कर्मचारियों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। जिला पंचायत के कई अधिकारी-कर्मचारियों का कहना है कि यदि संबंधित शिक्षाकर्मी को पुनः यहां अध्यक्ष के निज सहायक के रूप में नियुक्त किया जाता है तो वे समूहिक रूप से राज्य स्तर पर शिकायत करेंगे।



