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बढ़ते प्रदूषण में फेफड़ों की सेहत को रखना है अच्छा तो करें ये योग और प्राणायाम, स्वामी रामदेव ने बताया

कई इलाकों में इस समय वायु प्रदूषण बढ़ा हुआ है. इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है. पॉल्यूशन के कारण लंग्स पर सबसे ज्यादा असर होता है. लोगों को एलर्जी, सांस की परेशानी समेत कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में योग एक ऐसी प्राकृतिक थेरपी है जो फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद करती है. बढ़ते प्रदूषण में कौन से योग और प्राणायाम फायदेमंद हैं. इस बारे में स्वामी रामदेव ने बताया है. आइए जानते हैं.

योग सांसों की क्षमता बढ़ाकर फेफड़ों को अधिक ऑक्सीजन लेने में मदद करता है. यह फेफड़ों की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर सांस लेने की प्रक्रिया को सहज बनाता है. योग तनाव कम करता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत कम होती है. यह फेफड़ों में जमा बलगम कम करके उन्हें साफ और बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है. आइए जानें कौन से योग आसन असरदार हैं.

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फेफड़ों की सेहत के लिए ये योग आसन हैं असरदार
कपालभाति

स्वामी रामदेव बताते हैं कि लंग्स की हेल्थ को अच्छा रखने के लिए कपालभाति प्राणायाम फायदेमंद है. इससे कफ कम होता है और फेफड़ों का दबाव कम होता है. इसको करने से फेफड़ों में जमा टॉक्सिन निकलते हैं और लंग्स मजबूत रहते हैं.

भुजंगासन

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यह योग आसन रीढ़ और छाती को फैलाकर फेफड़ों के लिए जगह बढ़ाता है. इससे सांस गहरी होने लगती है जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह सुधरता है. यह आसन फेफड़ों की जकड़न और थकान को कम करता है.

वक्रासन

यह आसन शरीर के बीच वाले हिस्से को मोड़कर फेफड़ों और पसलियों के पास की मांसपेशियों को खोलता है. इससे गहरी सांस लेना आसान हो जाता है. यह छाती की जकड़न कम करके फेफड़ों को लचीला बनाए रखता है.

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मकरासन

यह आसन आराम की स्थिति में किया जाता है और फेफड़ों को तुरंत राहत देता है. इससे सांस धीरे और गहरी होने लगती है, जिससे तनाव कम होता है. यह रेस्पिरेट्री सिस्टम को बेहतर बनाकर फेफड़ों को रिलैक्स करता है.

ये भी जरूरी
धूम्रपान और प्रदूषण से दूरी रखें.

घर और कमरे में वेंटिलेशन अच्छा रखें ताकि ताजी हवा मिले.

रोज 10 से 15 मिनट डीप ब्रीदिंग या प्राणायाम करें.

हल्का कार्डियो जैसे तेज चलना फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है.

पानी पर्याप्त पिएं ताकि बलगम पतला रहे और फेफड़ों पर भार न

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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