Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

Chhattisgarh Road Accident: छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों पर हाईकोर्ट सख्त: एक साल में 6,967 मौतों पर जताई नाराजगी, पुलिस-प्रशासन और NHAI से 10 दिन में मांगा जवाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और उनमें हो रही मौतों पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार, पुलिस, कलेक्टरों और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों से 10 दिनों के भीतर शपथपत्र के साथ विस्तृत जवाब तलब किया है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आखिर पुलिस का काम सिर्फ आवारा मवेशियों को हांकना है या सड़क व्यवस्था को सुरक्षित बनाना भी उसकी जिम्मेदारी है। अदालत ने कहा कि विशेषकर बारिश के मौसम में नेशनल हाईवे और प्रमुख सड़कों पर बैठे मवेशियों की वजह से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।

दरअसल, प्रदेश में सड़क सुरक्षा की स्थिति को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। इस दौरान कोर्ट कमिश्नर ने विभिन्न जिलों से जुटाए गए आधिकारिक आंकड़े और रिपोर्ट अदालत में पेश की।

See also  कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव: चांपा के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल को जांजगीर-चांपा जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी…

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में प्रदेश में 15,484 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 6,967 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13,156 लोग घायल हुए। वहीं वर्ष 2026 में 31 मई तक केवल पांच महीनों में ही 6,891 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 3,170 लोगों की जान जा चुकी है।

कोर्ट कमिश्नर ने यह भी बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नहीं हैं। नियमों के अनुसार हर महीने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक होनी चाहिए, लेकिन कई जिलों में पूरे साल में केवल एक बैठक आयोजित की गई। सरगुजा जिले में वर्ष 2025 के दौरान सड़क हादसों में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई, इसके बावजूद सड़क सुरक्षा समिति की सिर्फ एक बैठक हुई। कांकेर जिले में भी पूरे साल केवल एक बैठक आयोजित की गई।

Advertisment

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में प्रदेश के 10 सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स की सूची भी पेश की गई। इनमें से 7 ब्लैक स्पॉट अकेले रायपुर जिले में हैं। धरसींवा के सिलतरा से निको गेट के बीच एक वर्ष में 19 लोगों की मौत हुई। वहीं कोरबा जिले के पाली-गझरा नाला मार्ग पर 22 दुर्घटनाओं में 17 लोगों की जान गई। इसके अलावा रायपुर के तेलीबांधा, नेवरा, आरंग और खरोरा क्षेत्र भी गंभीर दुर्घटना प्रभावित स्थानों में शामिल हैं।

See also  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्व आदिवासी दिवस पर बस्तर जिले को दी 637 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात...

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने औद्योगिक क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रकों की अवैध पार्किंग और ओवरलोडिंग पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 10 टन क्षमता वाले वाहनों में 22 से 25 टन तक माल लादा जा रहा है, जबकि वजन जांचने वाली मशीनें बंद पड़ी हैं। मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से निम्न बिंदुओं पर शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है—

  •  सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें क्यों आयोजित नहीं की गईं?
  •  अवैध पार्किंग और ओवरलोडिंग रोकने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई?
  •  चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए गए?
  •  NHAI के क्षेत्रीय और प्रशासनिक अधिकारी अपनी रिपोर्ट शपथपत्र के साथ प्रस्तुत करें।
  •  सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए समयबद्ध कार्ययोजना अदालत के समक्ष पेश की जाए।
See also  बिलासपुर में जिला सहकारी बैंक के पाँच कर्मचारी बर्खास्त, दो कर्मचारी का डिमोशन, भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले में कार्यवाही, चपरासी से लेकर संस्था प्रबंधक समेत पाँच पर गिरी गाज...

मामले की अगली सुनवाई में हाईकोर्ट संबंधित विभागों की ओर से दाखिल जवाब और प्रस्तावित कार्ययोजना की समीक्षा करेगा।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!