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सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, 9 फीसदी तक उछल गए वोडाफोन-आइडिया के शेयर

सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र सरकार को दूरसंचार ऑपरेटर के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया के पुनर्मूल्यांकन के मुद्दे पर पुनर्विचार करने की अनुमति दिए जाने के बाद सोमवार को वोडाफोन आइडिया के शेयरों में उछाल देखने को मिला. मार्केट की रैली के बीच में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीएसई पर वोडाफोन आइडिया के शेयर 9.45% बढ़कर 10.53 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गए.

भारतीय शेयर बाजार में भी आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन में बूम देखने को मिल रहा है. मार्केट का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आज कारोबार के दौरान 700 अंक के पार भी चला गया. दोपहर 1 बजे सेंसेक्स करीब 601.44 अंक की तेजी के साथ 84,813.32 पर ट्रेड कर रहा है. वहीं, निफ्टी 50 भी 26 हजार के पार है.

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एजीआर मामले की टाइमलाइन
13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर बकाया मामले में वोडाफोन आइडिया की याचिका की सुनवाई 27 अक्टूबर 2025 तक के लिए टाल दी थी. कर्ज में डूबी दूरसंचार कंपनी ने दूरसंचार विभाग की मांग को चुनौती दी है, जिसमें वित्त वर्ष 2016-17 तक की अवधि के लिए दावा किए गए 5,606 करोड़ रुपये के अतिरिक्त AGR बकाया को रद्द करने की मांग की गई है . एजीआर वह आय आंकड़ा है जिसका उपयोग लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम शुल्क की गणना के लिए किया जाता है जो दूरसंचार कंपनियों को सरकार को देना होता है. इससे पहले शीर्ष अदालत ने दूरसंचार कंपनी और केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर कई बार याचिका पर सुनवाई स्थगित की थी

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वोडाफोन आइडिया ने दूरसंचार विभाग को 3 फरवरी, 2020 के ‘कटौती सत्यापन दिशानिर्देशों’ के बाद वित्त वर्ष 2016-17 तक की अवधि के लिए सभी एजीआर बकाया का व्यापक रूप से पुनर्मूल्यांकन और समाधान करने का निर्देश देने की मांग की है. इस साल की शुरुआत में, शीर्ष अदालत ने अपने 2021 के आदेश की समीक्षा करने से इनकार कर दिया था, जिसमें दूरसंचार कंपनियों द्वारा उनके द्वारा देय एजीआर बकाया की गणना में कथित त्रुटियों को सुधारने की याचिका को खारिज कर दिया गया था. सितंबर 2020 में, शीर्ष अदालत ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए 93,520 करोड़ रुपये के एजीआर से संबंधित बकाया चुकाने के लिए 10 साल की समय-सीमा तय की थी.

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एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले अक्टूबर 2019 में एजीआर मुद्दे पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. इसके बाद, दूरसंचार विभाग ने 20 वर्षों में बकाया राशि के भुगतान की अनुमति मांगते हुए एक याचिका दायर की थी. पहले, एजीआर की परिभाषा में दूरसंचार और गैर-दूरसंचार दोनों तरह की आय शामिल थी. जैसे जमा पर अर्जित ब्याज या संपत्ति की बिक्री से प्राप्त आय. हालांकि, 2021 में, सरकार ने गैर-दूरसंचार आय को एजीआर गणना से बाहर करने के लिए नियमों में संशोधन किया, जिससे दूरसंचार ऑपरेटरों पर वित्तीय बोझ कम हुआ.

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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