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कीटनाशक मिली शराब पिलाकर दो लोगों की हत्या करने वाले आरोपी को दो बार आजीवन कारावास
निरीक्षक पारस पटेल की उत्कृष्ट विवेचना और पुख्ता साक्ष्यों से आरोपी का अपराध हुआ प्रमाणित, न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा

जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भठली में कीटनाशक मिलाकर जहरीली शराब पिलाने से दो लोगों की मौत के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने आरोपी को दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस गंभीर दोहरे हत्याकांड में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक पारस पटेल द्वारा की गई सूक्ष्म एवं प्रभावी विवेचना तथा पुख्ता साक्ष्य संकलन के चलते आरोपी के विरुद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित हुआ। मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत 19 गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने आरोपी के अपराध को साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शराब बिक्री को लेकर विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 6 मार्च 2025 की है। ग्राम भठली निवासी सुंदरलाल कुर्रे के साथ शराब बिक्री को लेकर हुए विवाद के चलते आरोपी ने उसे सबक सिखाने की नीयत से देशी शराब की एक शीशी में कीटनाशक मिला दिया। इसके बाद आरोपी जहरीली शराब की शीशी लेकर सुंदरलाल के घर पहुंचा।
बताया गया कि सुंदरलाल ने शराब पीने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने वहां मौजूद सीताराम लहरे और रोहित कुमार तेंदुलकर को वही शराब दे दी। शराब में कीटनाशक मिला होने की जानकारी से अनजान दोनों व्यक्तियों ने उसे पी लिया। जहरीली शराब का सेवन करते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
निरीक्षक पारस पटेल ने बारीकी से की विवेचना
घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक पारस पटेल ने मामले की विवेचना अत्यंत गंभीरता और सूक्ष्मता के साथ की। विवेचना के दौरान घटनाक्रम की प्रत्येक कड़ी को जोड़ते हुए महत्वपूर्ण भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने मामले से जुड़े कीटनाशक के डिब्बे सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को संकलित कर एफएसएल जांच के लिए भेजा। वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविकता सामने लाने में सफलता मिली।
निरीक्षक पारस पटेल ने गवाहों के बयान, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्य और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट को विवेचना में शामिल करते हुए आरोपी के विरुद्ध मजबूत प्रकरण तैयार किया। पर्याप्त साक्ष्य संकलित करने के बाद आरोपी के खिलाफ अभियोग पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
19 गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने साबित किया अपराध
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा कुल 19 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही एफएसएल रिपोर्ट, कीटनाशक से संबंधित साक्ष्य तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के माध्यम से पूरे घटनाक्रम को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा गया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित हुआ।
दो बार आजीवन कारावास की सजा से मिली दोहरे हत्याकांड में सफलता
मामले में न्यायालय द्वारा आरोपी को दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में निरीक्षक पारस पटेल की उत्कृष्ट विवेचना, साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन और प्रभावी अभियोजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह मामला दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में निष्पक्ष एवं तथ्यपरक विवेचना तथा मजबूत साक्ष्य संकलन के माध्यम से दोषियों को कानून के तहत कठोर सजा दिलाई जा सकती है।



