Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

कोयला लेवी केस में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, देवेंद्र डडसेना को नहीं मिली जमानत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बहुचर्चित कोयला लेवी और आर्थिक अपराध से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी देवेंद्र डडसेना की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ ने स्पष्ट कहा कि आर्थिक अपराध गंभीर श्रेणी में आते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में जमानत देने में विशेष सावधानी जरूरी है।

ACB-EOW और ED जांच से खुलासा
यह मामला एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) द्वारा दर्ज अपराध से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन के नाम पर एक संगठित अवैध वसूली नेटवर्क चल रहा था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के अनुसार, इस सिंडिकेट द्वारा प्रति टन 25 रुपये की वसूली की जाती थी।

See also  कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं, प्राप्त आवेदनों का सम्बधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण करने के दिए निर्देश,  जनदर्शन में कुल 33 आवेदन हुए प्राप्त...

540 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच इस नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई। इस पूरे मामले में कई नौकरशाह, कारोबारी और अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है।

डडसेना की भूमिका पर कोर्ट की टिप्पणी
अदालत में पेश दस्तावेजों और केस डायरी के आधार पर यह सामने आया कि देवेंद्र डडसेना इस सिंडिकेट में अहम भूमिका निभा रहा था। उस पर अवैध वसूली की रकम लेने और उसे बांटने का आरोप है। जांच के दौरान जब्त डायरी और गवाहों के बयान में करीब 52 करोड़ रुपये के लेनदेन का जिक्र भी मिला है।

See also  नौकरी लगाने के नाम से लाखों रुपए लेकर धोखाधड़ी करने वाले 02 आरोपियों को किया गिरफ्तार, सायबर सेल जांजगीर एवं थाना पामगढ़ पुलिस की कार्यवाही...

बचाव और सरकार की दलीलें
आरोपी की ओर से अदालत में कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है और उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है, केवल सह-आरोपियों के बयान हैं। वहीं, राज्य सरकार ने दलील दी कि मामला बेहद गंभीर है और आरोपी की भूमिका सक्रिय रही है। साथ ही, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका भी जताई गई।

Advertisment

जांच जारी, राहत नहीं
कोर्ट ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया और कहा कि जांच अभी जारी है, ऐसे में आरोपी को राहत देना उचित नहीं होगा।

See also  जम्मू-कश्मीर : डोडा में भयानक हादसा, 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा सेना का वाहन, 10 जवान शहीद, 12 घायल

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!