Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

Bilaspur: पॉक्सो केस में बड़ी लापरवाही के चलते TI और SI लाइन अटैच, पुलिस विभाग का बड़ा एक्शन

बिलासपुर रेप केस जांच लापरवाही के मामले में बिलासपुर पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म के मामले की जांच में गंभीर चूक सामने आने के बाद थाना प्रभारी अभय सिंह बैस और विवेचना अधिकारी एसआई संतोषी अग्रवाल को लाइन अटैच कर दिया गया है। मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने यह कार्रवाई की है।

जांच में किन अधिकारियों पर गिरी कार्रवाई की गाज?
बिलासपुर रेप केस जांच लापरवाही सामने आने के बाद जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक वायपी सिंह को सिरगिट्टी थाने की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही पचपेड़ी थाने का प्रभार निरीक्षक कमला पुसाम को दिया गया है। एसएसपी रजनेश सिंह द्वारा जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

See also  जिले की भूजल प्रबंधन, जल गुणवत्ता और विकसित जल संसाधनों के संबंध में बैठक आयोजित....

7 दिन में पेश करनी होगी पूरी जांच रिपोर्ट
बिलासपुर रेप केस जांच लापरवाही की जांच को आगे बढ़ाते हुए एसएसपी ने सिविल लाइन सीएसपी को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। आदेश में बताया गया है कि गंभीर अपराध की जांच के दौरान कई जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, जिसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना गया है।

जांच के दौरान सामने आईं बड़ी कमियां
बिलासपुर रेप केस जांच लापरवाही के मामले में प्रारंभिक जांच में पाया गया कि थाना प्रभारी घटनास्थल के निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचे थे। इसके अलावा बीएनएसएस की धारा 176(3) के तहत सात साल या उससे अधिक सजा वाले गंभीर मामलों में अनिवार्य रूप से बुलाई जाने वाली सीन ऑफ क्राइम यूनिट को भी मौके पर नहीं बुलाया गया। इससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संग्रह की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

See also  जुआ एक्ट में अब एसीबी एवं ईओडब्ल्यू को मिला जांच और कार्रवाई का अधिकार, ऑनलाइन जुआ-सट्टा के मामलों में तेजी से होगी प्रभावी कार्रवाई...

क्या है पूरा मामला?
बिलासपुर रेप केस जांच लापरवाही से जुड़ा यह मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार 17 वर्षीय एक नाबालिग आरोपी ने चॉकलेट का लालच देकर सात साल की दो बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि उसने बच्चियों के साथ मारपीट की और उनके पैरों को रस्सी से बांध दिया। घटना के बाद परिजनों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया।

Advertisment

मासूमों को न्याय दिलाने के लिए बढ़ी सख्ती
बिलासपुर रेप केस जांच लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि संवेदनशील मामलों की जांच में किसी भी प्रकार की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

See also  Mahila Samman Yojana :महिलाओं को 2500 रुपये मिलेंगे प्रतिमाह, आज से रजिस्ट्रेशन शुरू...

ऐसे मामलों में जांच प्रक्रिया क्यों होती है अहम?
बिलासपुर रेप केस जांच लापरवाही ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि गंभीर अपराधों में शुरुआती जांच कितनी महत्वपूर्ण होती है। घटनास्थल से जुटाए गए सबूत और वैज्ञानिक जांच किसी भी मामले को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में निर्धारित नियमों का पालन करना जांच एजेंसियों के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!