Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

साय सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात! अब कैशलेस होगा इलाज, जानिए किसे मिलेगा फायदा?

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें इलाज के लिए बड़ी रकम का इंतजाम करने और बाद में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की लंबी प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी से राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों और उनके आश्रित परिजनों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद से मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री साय से मिले कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधि

कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे प्रदेश के शासकीय सेवकों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचा था। मुलाकात के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा लंबे समय से प्रमुख मांग रही है। सरकार ने इस मांग को मंजूरी देकर कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देने का काम किया है।

See also  मंत्री लखन लाल देवांगन बताये फ्लोरा मेक्स कंपनी को संरक्षण क्यों दे रहे : कांग्रेस...

गंभीर बीमारी और इमरजेंसी में मिलेगी बड़ी राहत

Advertisment

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से विशेष रूप से गंभीर बीमारियों और आकस्मिक उपचार की स्थिति में कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी। अभी तक इलाज के दौरान कर्मचारियों और उनके परिजनों को कई बार पहले अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती थी। इसके बाद चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होती थी।

ऐसी स्थिति में आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ता था। खासकर अचानक अस्पताल में भर्ती होने या महंगे इलाज की जरूरत पड़ने पर पैसों की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन जाता था। लेकिन कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू होने से इस तरह की परेशानियां कम होने की उम्मीद है। इससे कर्मचारियों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे सकेंगे।

See also  जिले के प्रभारी मंत्री ओ पी चौधरी ने किया जांजगीर-चांपा कलेक्टोरेट में संवाद कॉल सेंटर शुभारंभ, अब आम नागरिक संवाद कॉल सेंटर 7970001634 के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे अपनी सुझाव एवं शिकायतें, कलेक्टर आकाश छिकारा की अभिनव पहल...

लाखों कर्मचारियों और आश्रित परिवारों को मिलेगा फायदा

राज्य सरकार के इस फैसले का लाभ केवल शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके आश्रित परिजनों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे कर्मचारियों के परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।

फेडरेशन ने इस निर्णय को कर्मचारी हित में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। हालांकि, योजना के क्रियान्वयन, पात्रता, अस्पतालों और सुविधा से जुड़ी विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी सामने आने के बाद कर्मचारियों को इसके लाभ की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

अभिनंदन समारोह में शामिल होने का दिया न्योता

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को फेडरेशन की ओर से आयोजित किए जाने वाले अभिनंदन समारोह में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। पदाधिकारियों ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मंजूरी प्रदेश के शासकीय सेवकों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णय है। इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का सम्मान और आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा।

See also  विधायक ब्यास कश्यप ने विधानसभा में उठाया साइबर टीम द्वारा अवैध वसूली का मामला, गृहमंत्री विजय शर्मा से मांगा जवाब...

प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री निवास में हुई इस मुलाकात के दौरान प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के साथ पंकज पाण्डेय, सत्येंद्र देवांगन, अश्वनी चेलक, जय कुमार साहू, पीताम्बर पटेल, आलोक मिश्रा और संतोष कुमार वर्मा सहित फेडरेशन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले को शासकीय कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि कैशलेस चिकित्सा योजना कब से लागू होती है और इसके तहत इलाज की सुविधाएं किस तरह उपलब्ध कराई जाती हैं।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!