बरसात में सड़क हादसों पर रोक और गौवंश संरक्षण के लिए पुलिस की नई पहल, एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने पशु चिकित्सकों व गौवंश संरक्षकों के साथ की समन्वय कार्यशाला, घायल मवेशियों के तत्काल उपचार और त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

जांजगीर-चांपा, 5 जुलाई। बरसात के मौसम में सड़कों पर घूमते और बैठे मवेशियों के कारण बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए जांजगीर-चांपा पुलिस ने सड़क सुरक्षा और गौवंश संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के मार्गदर्शन में जिले के सभी पशु चिकित्सकों एवं गौवंश संरक्षकों की एक दिवसीय समन्वय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय की रणनीति तैयार की गई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग तथा गौवंश संरक्षण से जुड़े स्वयंसेवकों के बीच मजबूत संपर्क स्थापित करना, एक-दूसरे के मोबाइल नंबर साझा करना तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करना था।
बैठक को संबोधित करते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में मवेशी सड़कों पर बैठे या विचरण करते दिखाई देते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और गौवंश संरक्षकों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाकर दुर्घटनाओं को रोका जाए और आम लोगों के साथ-साथ गौवंश की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कार्यशाला में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह तय किया गया कि सड़कों पर बैठे अथवा घूमते मवेशियों की सूचना मिलते ही संबंधित टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई करे। इसके अलावा यदि किसी पशु के घायल होने की जानकारी मिलती है तो संबंधित पशु चिकित्सक बिना किसी विलंब के घटनास्थल पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते पशुओं का जीवन बचाया जा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और गौवंश संरक्षकों के बीच नियमित संवाद एवं समन्वय बनाए रखा जाएगा। इसके लिए सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और स्वयंसेवकों के मोबाइल नंबर साझा कर एक प्रभावी संपर्क तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सके।
कार्यक्रम में उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग ए.एल. सिंह, डॉ. ओगरे, विभिन्न विकासखंडों के पशु चिकित्सक तथा जिले के गौवंश संरक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा और गौवंश संरक्षण के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का संकल्प भी लिया।



