हाईटेक पुलिसिंग की नई शुरुआत: 48 घंटे में ऑनलाइन होगी हादसों की रिपोर्ट, पांच डिजिटल पोर्टलों पर जांजगीर-चांपा पुलिस का मेगा प्रशिक्षण

जांजगीर-चांपा। बदलते दौर में पुलिसिंग को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में जांजगीर-चांपा पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को पुलिस लाइन जांजगीर में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों, रीडरों और सीसीटीएनएस ऑपरेटरों को eDAR, ई-साक्ष्य, प्रधानमंत्री राहत योजना, सीएम हेल्पलाइन-1076 और मिशन वात्सल्य जैसे पांच महत्वपूर्ण डिजिटल पोर्टलों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
*48 घंटे में ऑनलाइन होगी सड़क हादसे की पूरी रिपोर्ट*
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार ने बताया कि eDAR (Electronic Detailed Accident Report) पोर्टल के जरिए अब सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी एफआईआर, पंचनामा, फोटो, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सभी आवश्यक दस्तावेज 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे। इससे न्यायालय, बीमा कंपनियों और परिवहन विभाग तक जानकारी तत्काल पहुंचेगी तथा पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज होगी।
*ई-साक्ष्य से मजबूत होगी विवेचना*
प्रशिक्षण में विवेचकों को डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संग्रहण, संरक्षण, दस्तावेजीकरण और न्यायालय में उनके प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि ई-साक्ष्य प्रणाली से विवेचना अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और मजबूत बनेगी।
*पीड़ितों को समय पर राहत, शिकायतों का होगा त्वरित समाधान*
कार्यशाला में प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को समयबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समझाई गई। वहीं सीएम हेल्पलाइन-1076 में प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आम नागरिकों का प्रशासन पर भरोसा और मजबूत हो।
*बच्चों की सुरक्षा के लिए मिशन वात्सल्य बनेगा डिजिटल कवच*
मिशन वात्सल्य पोर्टल के माध्यम से गुमशुदा, बेसहारा, शोषित एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों का तत्काल पंजीयन, पुनर्वास, स्पॉन्सरशिप, दत्तक ग्रहण और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ तेजी से उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। थाना स्तर पर केस हिस्ट्री अपडेट करने और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के साथ समन्वय की कार्यप्रणाली भी समझाई गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को तकनीक से जोड़कर अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है, ताकि आम लोगों को तेज, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं मिल सकें।


