छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने महिलाएं कर रही जैविक खाद के लिए किसानों को प्रेरित, रगजा गौठान में समूह की महिलाएं गोबर से बना रही वर्मी कंपोस्ट….

बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने महिलाएं कर रही जैविक खाद के लिए किसानों को प्रेरित
रगजा गौठान में समूह की महिलाएं गोबर से बना रही वर्मी कंपोस्ट
जांजगीर-चांपा। कृषि कार्यों में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग अत्याधिक हो रहा है जिससे भूमि बंजर हो रही है इस बढ़ती समस्या को देखते हुए राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नरवा गरवा घुरवा बाड़ी से बनाई गई गौठानों में जैविक खाद तैयार कर जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। और यह कार्य स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बखूबी किया जा रहा है। रगजा गौठान में दो समूह की महिलाओं द्वारा जैविक खाद तैयार कर उसे किसानों को प्रेरित करते हुए उपलब्ध कराया जा रहा है
सक्ती जिले की जनपद पंचायत सक्ती की ग्राम पंचायत रगजा गौठान में जागरण स्व सहायता समूह एवं मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह के द्वारा गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाकर विक्रय किया जा रहा है। समूह द्वारा 1702 क्विंटल गोबर खरीदी करते हुए गोबर से 419 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट एवं 409 क्विंटल सुपर कंपोस्ट तैयार किया गया। खाद तैयार होने के बाद महिलाओं द्वारा उसे सहकारी सोसायटी के माध्यम से किसानों के लिए विक्रय कराया गया महिलाएं गांव में जैविक खाद को लेकर किसानों को प्रेरित भी कर रही है। इससे जागरण समूह को लगभग 25 हजार एवं मां लक्ष्मी समूह को 30 हजार की राशि लाभांश के रूप में मिली। इस कार्य से दोनों समूह की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। समूह की महिलाओं का कहना है कि गौठान से उन्हें गांव में रहते हुए ही रोजगार मिल गया जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी हो गई, साथ ही जैविक खाद के उपयोग करने से गांव की खेती योग्य भूमि भी बंजर होने से बच रही है। जैविक खाद के बारे में किसानों को भी फायदे बताते है।



