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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

सेंदरी से घिवरा रोड़ किनारे पर अवैध ईंट-भट्ठे का कारोबार जोरों पर… प्रशासन मौन, बड़ी दुर्घटना की आशंका…

सेंदरी से घिवरा रोड़ किनारे पर अवैध ईंट-भट्ठे का कारोबार जोरों पर,

प्रशासन मौन, बड़ी दुर्घटना की आशंका

सक्ती। जिले में इन दिनों अवैध ईंट भट्टा का कारोबार जोरों पर चल रहा है।जैजैपुर विकास खण्ड अंतर्गत सेंदरी से घिवरा रोड किनारे पर बड़ी संख्या में ईंट के भट्टे लगाए गए हैं। यहां न कोई जानकारी लेने वाला है न पूछने वाला है। ईंट भट्‌टा मालिक अपने तरीके से कार्य कर रहे हैं। और रोड़ किनारे पर अवैध ईंट भट्ठा लगाया गया है कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है क्योंकि राहगीर को सड़क पर आवागमन होता रहता है और सड़क की किनारे में अवैध ईंट भट्ठा लगाया गया है इससे न तो खनिज अधिकारी न ही वरिष्ठ अधिकारियों ने अवैध रूप से चल रहे इस कारोबार को रोकने के लिए मुहिम चलाई जा रही है।

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न लीज न ही मंजूरी फिर भी अवैध ईट भट्टे

विशेष सूत्रों से जानकारी के अनुसार क्षेत्र में संचालित कई ईंट भट्टे ऐसे हैं जिनके पास न प्रशासन की अनुमति न ही खनिज विभाग से लीज ली गई है। यहां तक की पंचायत की अनुमित भी लेना जरूरी नहीं समझा गया। अवैध रूप से चल रहे रोड़ किनारे पर इन ईंट भट्टो पर आसानी से देखे जा सकते हैं। जिनकी जानकारी श्रम विभाग के अधिकारियों को भी है लेकिन कार्यवाही नहीं की जा रही हैं।

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पर्यावरण प्रदूषण का खतरा प्रशासन मौन

क्षेत्र में चल रहे इन ईंट भट्टों से अब पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। रहवासी क्षेत्र के पास लगे होने से दिन भर धुंआ फैलता रहता है। कोयला का उपयोग न कर लकड़ी, भूसा, प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

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भट्ठे लगाने के नियम
अगर किसी व्यक्ति को ईंट भट्टे का व्यापार करना है तो उसे मिट्टी उत्खनन के लिए लीज की स्वीकृति लेने के लिए पर्यावरण विभाग की एनओसी, वन विभाग की एनओसी, ग्राम पंचायत की मंजूरी, तहसील की एनओसी, निर्माण करने वाले लोगों का लायसेंस आदि तैयार कराना होगा। तब ही आप कही ईंट भट्टों का व्यापार कर सकते हैं। खनिज अधिकारी जांजगीर ने बताया कि खनिज विभाग के माध्यम से सेंदरी में एक भी ईंट भट्टा का लाइसेंस नहीं दिया गया है। हमारे यहां से केवल सामान्य वर्ग के लोगों को ईंट भट्टे का लायसेंस दिया जाता है। अनुसूचित जाति एवं कुम्हारों को तहसीलदार के यहां से अनुमति लेनी पड़ती है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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