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केंद्र की गलत नीतियों से महंगाई बेलगाम, शक्कर के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट : नागेंद्र गुप्ता
शक्कर की कीमतों में उछाल को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

जांजगीर-चांपा। दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं प्रवक्ता नागेंद्र गुप्ता ने शक्कर के बढ़ते दामों को लेकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि महंगाई लगातार आम आदमी की कमर तोड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण जरूरी वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि आम नागरिक की आय और क्रय शक्ति के अनुरूप राहत नहीं मिल पा रही है।
नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि कुछ समय पहले तक लगभग 40 रुपये प्रति किलो मिलने वाली शक्कर की कीमत अब बढ़कर करीब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। शक्कर के दामों में इस तरह की बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में जब घरों में मिठाइयां और अन्य पकवान बनाए जाते हैं, उस समय शक्कर के बढ़े हुए दाम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार में बहनें अपने भाइयों का मुंह मीठा कराने के लिए मिठाई खरीदती हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण त्योहार मनाने का खर्च भी बढ़ गया है। शक्कर महंगी होने से मिठाइयों की कीमतों में भी वृद्धि हो रही है, जिसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
एथेनॉल नीति पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने गन्ने के उपयोग को लेकर भी केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शक्कर उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण गन्ने का एक बड़ा हिस्सा एथेनॉल उत्पादन की ओर जाने से शक्कर के उत्पादन और उपलब्धता पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है। उन्होंने दावा किया कि त्योहारी सीजन में शक्कर की कीमतों में करीब 40 प्रतिशत तक वृद्धि होना सरकार की नीतियों के दुष्प्रभावों को दर्शाता है।
नागेंद्र गुप्ता ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ई-20 पेट्रोल के उपयोग से वाहनों के माइलेज और इंजन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता है। उनका कहना है कि सरकार को एथेनॉल नीति लागू करने के साथ-साथ उसके प्रभावों और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का भी गंभीरता से आकलन करना चाहिए।
किसान और उपभोक्ता दोनों परेशान : गुप्ता
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर किसानों को उनके कृषि उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को रोजमर्रा की वस्तुएं महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पादन करने वाला किसान और सामान खरीदने वाला आम उपभोक्ता दोनों परेशान हैं, जबकि बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को लाभ मिलने का आरोप उन्होंने लगाया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पेट्रोल, गैस, चीनी और प्याज सहित दैनिक जरूरत की कई वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से आम नागरिक का घरेलू बजट लगातार प्रभावित हो रहा है। मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए सीमित आय में घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
महंगाई पर ठोस कदम उठाने की मांग
नागेंद्र गुप्ता ने केंद्र सरकार से महंगाई पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस और दीर्घकालिक नीति बनानी चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि केवल बाजार की परिस्थितियों का हवाला देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती।
उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के हितों और उपभोक्ताओं की जरूरतों के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले और आम जनता को आवश्यक वस्तुएं उचित कीमत पर उपलब्ध हो सकें। कांग्रेस प्रवक्ता ने बढ़ती महंगाई को केंद्र सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आम नागरिक पर आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है।



