Video : कोलकाता में कोहराम, चुनाव रणनीति बनाने वाली कंपनी IPAC के चीफ के घर ED की रेड, पहुंचीं CM ममता

डेस्क : पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान अचानक तेज हो गया है। गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राजनीतिक रणनीतिकार संस्था IPAC के प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास और कार्यालय पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया। यह कार्रवाई सुबह से ही जारी रही और दोपहर तक जांच चलती रही।
अचानक प्रतीक जैन के घर पहुंचीं मुख्यमंत्री
करीब दोपहर 12 बजे उस वक्त माहौल और गर्म हो गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पहुंच गईं। खास बात यह रही कि उनके पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा भी वहां मौजूद थे।
‘मेरी पार्टी के कागजात जब्त किए जा रहे थे’
घर से बाहर निकलते समय ममता बनर्जी के हाथ में एक हरी फाइल थी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ED उनकी पार्टी से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त कर रही थी। उन्होंने कहा कि IPAC उनके दल की चुनावी रणनीति संभालती है और प्रतीक जैन उनकी पार्टी के अहम इंचार्ज हैं।
https://x.com/ANI/status/2009167695019970977?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2009167695019970977%7Ctwgr%5E8e43b181f9a47da5b3e72b4e986d312f0f948600%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fnishaanebaz.com%2Fed-raid-ipac-chief-prateek-jain-mamata-banerjee-reaction%2F
अमित शाह पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार उनकी पार्टी को दबाने की कोशिश कर रही है। ममता ने आरोप लगाया कि हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डेटा जब्त किए जा रहे थे, जिन्हें उन्होंने खुद अपने कब्जे में लिया।
‘पार्टी को हाईजैक करने की कोशिश’
ममता बनर्जी ने दावा किया कि एक ओर वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पार्टी की रणनीति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।
2019 की घटना का दिलाया गया ज़िक्र
मुख्यमंत्री ने 2019 की उस घटना की भी याद दिलाई, जब CBI तत्कालीन पुलिस कमिश्नर के घर पहुंची थी और वह स्वयं मौके पर डट गई थीं। ममता ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का यह रवैया कोई नई बात नहीं है।
IPAC पर क्या है ED का शक?
सूत्रों के मुताबिक, ED यह जांच कर रही है कि IPAC का दिल्ली से जुड़े एक पुराने वित्तीय अनियमितता मामले से कोई संबंध है या नहीं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कोयला तस्करी से जुड़े एक पुराने केस से भी जुड़ी हो सकती है। पांच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ जारी रही।



