Tiger Shroff Firing Case: 35 हजार रुपये और विदेश जाने का लालच, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में पुलिस की जांच तेज

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। राजस्थान के कोटा से पकड़े गए तीन आरोपियों को मुंबई पुलिस ने सोमवार, 19 अक्टूबर को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 48 घंटे की रिमांड मिली। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि अभिनेता की कार पर गोलीबारी करने के बदले उन्हें 35 हजार रुपये मिलने वाले थे। इसके अलावा उन्हें विदेश भेजने का लालच भी दिया गया था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें वारदात पूरी करने के बाद 35 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। जांच के मुताबिक, इस मामले में कथित तौर पर पैसों के साथ विदेश जाने का लालच भी दिया गया था।कोटा पुलिस के अनुसार, गोलीबारी में शामिल बताए जा रहे रितिक और रेहान करीब 10 दिन पहले मुंबई पहुंचे थे। दोनों कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के गुर्गे अनिल पंडित के संपर्क में थे। पुलिस अब आरोपियों के संपर्कों और वारदात की योजना से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
डेढ़ महीने पहले रेहान की कराई गई थी बात
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, करीब डेढ़ महीने पहले समीर ने रेहान की बात अनिल पंडित से करवाई थी। आरोप है कि अनिल पंडित ने ही वारदात के लिए 35 हजार रुपये देने का वादा किया था। इसके साथ ही आरोपियों को विदेश भेजने का लालच भी दिया गया था।पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई से सूरत पहुंचे, फिर जयपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ी
वारदात के बाद आरोपी मुंबई से टैक्सी के जरिए सूरत पहुंचे। सूरत रेलवे स्टेशन पर उनकी तस्वीरें सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गईं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने जयपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ी।बताया गया है कि ट्रेन में बिना टिकट सफर करने के कारण उन पर जुर्माना भी लगाया गया। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान के कोटा में तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। जांच एजेंसियां अब उनके सफर और वारदात के बाद अपनाए गए रास्ते से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं।
नेपाल भागने की तैयारी में थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जयपुर पहुंचने के बाद नेपाल भागने की फिराक में थे। उनके पास से एक बैग बरामद हुआ, जिसमें तीनों के कपड़ों की एक-एक जोड़ी मिली। इसके अलावा दो आरोपियों के पास एक-एक मोबाइल फोन भी था।तीसरे आरोपी ने कथित तौर पर अपना मोबाइल रास्ते में कहीं फेंक दिया था। यह भी बताया गया है कि आरोपियों ने हथियार को रास्ते में कहीं फेंक दिया। पुलिस अब हथियार और फेंके गए मोबाइल की तलाश के साथ-साथ आरोपियों की गतिविधियों की जांच कर रही है।
48 घंटे की रिमांड में पुलिस जुटाएगी जानकारी
तीनों आरोपियों को अदालत से 48 घंटे की पुलिस रिमांड मिली है। इस दौरान मुंबई पुलिस उनसे वारदात की योजना, कथित भुगतान, संपर्कों और फरार होने की कोशिश से जुड़े सवालों के जवाब हासिल करने का प्रयास करेगी।फिलहाल मामले में जांच जारी है। आरोपियों के शुरुआती बयानों और पुलिस जांच से सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



