Raipur Crime : रायपुर में WhatsApp के जरिए 2 करोड़ की साइबर ठगी, कंपनी के अधिकारी के नाम से बनाया फर्जी प्रोफाइल; 1 करोड़ रुपये होल्ड

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने एक कंपनी के अधिकृत अधिकारी के नाम से फर्जी WhatsApp प्रोफाइल बनाया और उसके जरिए दो करोड़ रुपये दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। हालांकि, समय रहते ठगी का पता चलने और बैंक व साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने से करीब एक करोड़ रुपये होल्ड करा दिए गए। वहीं, बाकी रकम के आरोपियों द्वारा निकाले जाने की आशंका जताई जा रही है।
मामले में तेलीबांधा पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत वंकाल केबल्स एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) ओमकार वरु ने दर्ज कराई है। कंपनी का कार्यालय रायपुर के तेलीबांधा स्थित मैग्नेटो मॉल में है।
अधिकारी के नाम से बनाया फर्जी WhatsApp प्रोफाइल
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, आरोपियों ने कंपनी से जुड़े अधिकृत व्यक्ति की पहचान और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी WhatsApp प्रोफाइल तैयार किया। इसके बाद इसी प्रोफाइल के जरिए कंपनी को रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। इन निर्देशों पर भरोसा करते हुए कंपनी की ओर से बताए गए बैंक खाते में दो करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। जांच में सामने आया है कि जिस बैंक खाते में रकम भेजी गई, वह कोलकाता का है। आरोपियों ने खाते में पैसे आने के बाद रकम को दूसरे बैंक खातों में भी ट्रांसफर किया।
डेढ़ से दो घंटे में शिकायत, एक करोड़ रुपये होल्ड
कंपनी को ठगी का पता चलते ही संबंधित बैंक को ईमेल के जरिए सूचना दी गई। इसके साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। बताया गया है कि ठगी का पता चलने के डेढ़ से दो घंटे के भीतर शिकायत कर दी गई थी।
समय पर शिकायत मिलने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए करीब एक करोड़ रुपये होल्ड करा दिए। हालांकि, बाकी रकम का क्या हुआ और उसे किन खातों में भेजा गया, इसकी जांच की जा रही है।
कई बैंक खाते सीज, आरोपियों की तलाश जारी
एसीपी सिविल लाइंस रमाकांत साहू के मुताबिक, मामले में 17 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई है। कंपनी से जुड़े अधिकृत व्यक्ति की पहचान और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की गई। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, ठगी में इस्तेमाल किए गए कई बैंक खातों को सीज कराया गया है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे मामले में कौन-कौन शामिल है और शेष रकम कहां ट्रांसफर की गई। साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानी: किसी अधिकारी या वरिष्ठ व्यक्ति के WhatsApp संदेश पर बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले उनके नंबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।



