Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

युवा दिवस विशेष: “बदलते बस्तर” की तस्वीर, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय की कलम से….

राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) के अवसर पर जांजगीर-चांपा जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय, IPS ने “बदलते बस्तर” शीर्षक से अपनी लिखी कविता साझा कर एक संवेदनशील और प्रेरणादायक संदेश दिया है, यह कविता बस्तर की उस यात्रा को बयान करती है, जो हिंसा, भय और खामोशी से निकलकर शांति, भरोसे और उम्मीद की ओर बढ़ रही है।

12 जनवरी को जब पूरा देश राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहा है, तब एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने अपने अनुभवों और भावनाओं को शब्दों में ढालते हुए कविता के माध्यम से युवाओं और समाज से संवाद किया, उनकी स्वयं लिखी कविता “बदलते बस्तर” सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से लोगों के दिलों तक पहुंच गई।

See also  भाजपा सरकार में भी कांग्रेसी नेताओं से खौफ खा रहे अधिकारी, अधूरा छोड़ दिया सिंघाड़ा तालाब एवं ग्राम खोखरा का खइया डबरी तालाब से अतिक्रमण हटाने का कार्य...

इस कविता की खासियत यह है कि यह कल्पना नहीं, बल्कि बस्तर की उस सच्चाई की आवाज़ है, जिसे एक पुलिस अधिकारी ने बेहद करीब से देखा और महसूस किया है। कविता की शुरुआती पंक्तियां बस्तर के उस दौर की तस्वीर खींचती हैं, जब डर रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था—काटे गए गले, बिखरी लाशें, बारूद की गंध, टूटे पुल और खून से सनी सड़कें। यह दर्द किताबों में दर्ज नहीं था, बल्कि ज़मीन पर लिखा गया था।

लेकिन यहीं से कविता एक नई दिशा लेती है और उम्मीद की किरण दिखाई देती है। वही बस्तर अब बदलता नजर आता है—जहां स्कूलों से बच्चों की आवाजें गूंजती हैं, महुए की खुशबू हवा में फैलती है, झरनों की कलकल सुनाई देती है, गांव रोशन हो रहे हैं और चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। डर की जगह भरोसे ने ले ली है और सन्नाटे की जगह भविष्य की आहट सुनाई देने लगी है।

See also  कैम्पा: वर्ष 2022-23 के अंतर्गत 300 करोड़ रूपए से 29 लाख से अधिक संरचनाओं का निर्माण जारी, वनांचल के 1503 नालों में 06 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि होगी उपचारित...

एसपी विजय कुमार पाण्डेय की यह कविता न सिर्फ बदलते बस्तर की कहानी कहती है, बल्कि युवाओं को यह संदेश भी देती है कि साहस, संवेदना और विश्वास से किसी भी अंधेरे को रोशनी में बदला जा सकता है।

Advertisment

राहों मे चलते पहिये

रोशन होते गांव

अब होंगे…

निर्भय घूमते लोग

पुस्तक पकड़े बच्चे

मुस्कराती माताएं

अब होंगे…

श्री विजय कुमार पाण्डेय IPS ( पुलिस अधीक्षक जांजगीर–चांपा )

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!