भाजपा सरकार में भी कांग्रेसी नेताओं से खौफ खा रहे अधिकारी, अधूरा छोड़ दिया सिंघाड़ा तालाब एवं ग्राम खोखरा का खइया डबरी तालाब से अतिक्रमण हटाने का कार्य…
ग्राम खोखरा के ग्रामीणों ने कलेक्टर से दोबारा शिकायत कर की कार्यवाही की मांग, व्यक्तिगत रूप से नोटिस भेजकर शिकायकर्ताओं को धमका रहा अतिक्रमणकारी।

जांजगीर-चांपा। प्रदेश में भाजपा की सरकार बने लगभग छह महीने हो चुके हैं, लेकिन आज भी कांग्रेस नेताओं एवं कब्जाधारियों को अधिकारियों पर कुछ ऐसा खौफ है, कि उनके मनमर्जी के बिना काम नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि जन चर्चा सरकारी ( रामप्रसाद तालाब विलिन) सिंघाड़ा तालाब के एक किनारे को पाट कर अपने अवैध प्लाटिंग के मंसूबे को साकार करने वाले बेजा कब्जाधारियों का भय अभी भी अधिकारियों के मन में बना हुआ है। सरकारी अमला ने तालाब के किनारे कुछ बेजा कब्जाधारी मकान बना रहे थे उसे तोड़कर तथा तालाब के किनारे काबिज दुकानदारों का दुकान न तोड़कर सिर्फ नोटिस देकर अपना पलड़ा झाड़ लिया है। नोटिस में 15 दिन का समय दिया गया था जो काफी दिन हो गया, लेकिन उन बेजा कब्जाधारीयो के खिलाफ शासन प्रशासन ने कोई कार्यवाही अब तक नहीं किया जो। बेजा कब्जा के कारण तालाब का पानी गंदा होता जा रहा है, जो पीने तो क्या नहाने के लायक भी नहीं है, साथ ही सिंघाड़ा लगाने से पानी सडन की स्थिति में आ गया है, जिसे बंद करना आवश्यक है, साथ ही तालाब के किनारे हुए बेजा कब्जाधारियों को वहां से हटाकर तालाब को सुरक्षित रखना आवश्यक है।
व्यक्तिगत रूप से नोटिस भेजकर शिकायकर्ताओं को धमका रहा अतिक्रमणकारी,
ग्राम खोखरा के ग्रामीणों ने कलेक्टर से दोबारा शिकायत कर की कार्यवाही की मांग
वहीं जिला मुख्यालय जांजगीर के समीप स्थित ग्राम पंचायत खोखरा की शासकीय जमीनों पर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण कर दुकान एवं मकान का निर्माण करवाया जा रहा है, जिसकी शिकायत ग्राम के कुछ जागरूक लोगों ने कलेक्टर सहित मुख्यमंत्री से करते हुए त्वरित कार्यवाही की मांग की थी मगर, इस मामले में अब तक कोई कार्यवाहीं नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर, संबंधित अतिक्रमणकारी द्वारा अब व्यक्तिगत रूप से नोटिस भेजकर शिकायतकर्ताओं को धमकाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने कलेक्टर से दोबारा लिखित शिकायत कर मामले में कार्यवाही की मांग की है।
दरअसल, यह पूरा मामला जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत खोखरा का है। यहां के कुछ जागरूक ग्रामीणों ने बीते सात जून को कलेक्टर से लिखित शिकायत करते हुए कहा है कि ग्राम खोखरा के कथित पत्रकार एवं उसके पुत्र द्वारा ग्राम खोखरा में संचालित प्रायमरी स्कूल के पास के टूलेन सड़क से लगे हुए खईया डबरी तालाब को साड़ी का पर्दा लगाकर मिट्टी एवं मुरूम से पाटकर दुकान एवं मकान का निर्माण कराने के उद्देश्य से अवैध कब्जा किया गया है, जिससे बरसाती पानी की निस्तारी नहीं हो रही है। खइया डबरी तालाब से गांव का पानी डोंगिया तालाब जाने के लिए टूलेन सड़क में शासन ने भूमिगत पुलिया लगाया था किन्तु, अवैध कब्जा होने से गांव के बरसाती पानी का निस्तार बंद हो गया है, वहीं इन्होंने शासकीय हैण्डपंप पर भी अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कथित पत्रकार एवं उसके पुत्र ने डबरी तालाब से टूलेन सड़क किनारे शासकीय भूमि में अवैध कब्जा कर मकान एवं दुकान का निर्माण किया है, जिसे किराए में देकर अवैध कमाई की जा रही है। इन लोगों द्वारा वर्तमान में सड़क किनारे स्थित शासकीय भूमि में अवैध कब्जा कर उसमें दुकान एवं मकान का निर्माण कराकर बेचने का काम किया जा रहा है, जिस पर तत्काल रोक लगाना जरूरी है। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि पूर्व में भी कथित पत्रकार एवं उसके पुत्र के खिलाफ शिकायत की गई थी, किन्तु किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने से इनके हौसले बुलंद हैं और इनके द्वारा बेखौफ होकर ग्राम खोखरा की शासकीय जमीनों में अवैध कब्जा कर खरीदी-बिक्री का कार्य किया जाता है। वहीं ग्राम खोखरा की शासकीय जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण की शिकायत करने पर अतिक्रमणकारी कथित पत्रकार द्वारा शिकायतकर्ताओं को व्यक्तिगत नोटिस भेजकर धमकाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।



