Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

टीचर ने 15 छात्राओं को बांस की छड़ी से पीटा…हाथ में सूजन, पीठ पर निशान…

अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में महिला टीचर ने 11वीं की छात्राओं को बांस की छड़ी से पीटा। इससे उनके हाथ सूज गए और पीठ पर निशान पड़ गए। जानकारी के मुताबिक केमेस्ट्री की क्लास में 15 छात्राएं मौजूद थी, जो रफ कॉपी में नोट्स लिख रही थी। इससे नाराज टीचर ने सभी को खड़ा किया और पिटाई शुरू कर दी। मामला सेंट जोन्स स्कूल का है। पीड़ित छात्रा गरिमा बेदी ने बताया कि मार से उसका हाथ सूज गया है। घटना की जानकारी परिजनों को लगी तो वे सीधे स्कूल पहुंच गए।

परिजनों ने कहा कि बच्चों को गाय-बैल की तरह मारा है। छात्राएं स्कूल जाने से डर रही हैं। मामले की शिकायत चाइल्ड लाइन और जिला शिक्षा अधिकारी से की गई। परिजनों ने आरोपी टीचर पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्कूल के प्रिंसिपल पीटर खेस ने परिजनों से माफी मांगी है। फिलहाल, पुलिस में घटना की शिकायत नहीं की गई है।

See also  विधायक राघवेंद्र सिंह के साथ नेता प्रतिपक्ष ने प्रश्नकाल में उप मुख्यमंत्री को घेरा, साव ने कहा- शिकायत आने पर निश्चित करेंगे कार्यवाही…

रफ कॉपी में नोट्स लिखने से हुई नाराज 

सेंट जोन्स हायर सेकेंडरी स्कूल अंबिकापुर के नवापारा में स्थित है। जहां 31 जुलाई को 11वीं की केमेस्ट्री की क्लास निर्मला मैडम ले रही थी। क्लास में 15 से ज्यादा छात्राएं मौजूद थी। तभी टीचर ने छात्राओं को नोट्स लिखने को कहा। इनमें कुछ छात्राएं रफ में लिखने लगी, जब निर्मला मैडम ने कॉपी चेक की तो वो नाराज हुई। स्कूल में आसपास बांस की लकड़ी पड़ी हुई थी। वहीं से एक लकड़ी उठा लाई और 15 छात्राओं के हाथ और पीठ पर खूब मारा। इससे कुछ छात्राओं के हाथ में सूजन आ गई है।

Advertisment

कुछ के पीठ पर निशान बन गए। इनमें एक पीड़ित छात्रा गरिमा बेदी के हाथ में सूजन आ गई थी। उसने घर आकर अपने परिजनों को जानकारी दी और अगले दिन स्कूल जाने से मना कर दिया। वहीं दूसरे पीड़ित के परिजन ने बताया कि उनकी बच्ची स्कूल जाने से मना कर रही है। परिजनों ने कहा कि आज के समय में ऐसी मारपीट कहा तक सही है। RTE एक्ट 2009 के तहत बच्चों को मारपीट करना, उन्हें मानसिक या शारीरिक दंड देना गलत है। ऐसे टीचर पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

See also  मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात कर दी बधाई

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!