तमिलनाडु में सियासी भूचाल: विजय की दो टूक, DMK-AIADMK साथ आए तो टीवीके के 108 विधायक देंगे इस्तीफा

टीवीके को कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन हासिल है और वह वामपंथी दलों व अन्य छोटे दलों से बातचीत कर रही है। पार्टी अदालत जाने की भी तैयारी कर रही …
नई दिल्ली। तमिलनाडु में सियासी संकट गहराते हुए तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) ने चेतावनी दी है कि अगर डीएमके या एआईएडीएमके सरकार बनाने की कोशिश करती है तो पार्टी के सभी 108 विधायक इस्तीफा दे देंगे।
टीवीके ने कही ये बात
सूत्रों के अनुसार, अभिनेता विजय की पार्टी ने साफ कहा कि सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी होने के बावजूद उसे सरकार बनाने का मौका नहीं दिया जा रहा है। टीवीके का आरोप है कि डीएमके और एआईएडीएमके मिलीभगत कर उसे दरकिनार करने की कोशिश कर रहे हैं।
राज्यपाल ने टीवीके से 118 विधायकों के समर्थन पत्र मांगे हैं
शुक्रवार को राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने विजय को बहुमत साबित करने से मना कर दिया और कहा कि उनके पास पर्याप्त समर्थन नहीं है। राज्यपाल ने टीवीके से 118 विधायकों के समर्थन पत्र मांगे हैं। टीवीके को कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन हासिल है और वह वामपंथी दलों व अन्य छोटे दलों से बातचीत कर रही है। पार्टी अदालत जाने की भी तैयारी कर रही है।
डीएमके ने शुक्रवार सुबह अपनी बैठक में चार प्रस्ताव पारित किए, जिसमें पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन को आपातकालीन निर्णय लेने का अधिकार दे दिया गया।
डीएमके वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रही है
डीएमके के शीर्ष सूत्रों ने पुष्टि की है कि पार्टी एक वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रही है, जिसमें डीएमके के बाहरी समर्थन से एआईएडीएमके के ई. पलानीस्वामी मुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता इस गठबंधन पर जनता की प्रतिक्रिया को लेकर चिंतित हैं।fo
एआईएडीएमके फिलहाल प्रतीक्षा करो और देखो की नीति पर चल रही है। पलानीस्वामी ने अपने 45 से अधिक विधायकों की बैठक में कहा कि टीवीके के साथ कोई संबंध नहीं है और विधायकों की खरीद-फरोख्त का सवाल ही नहीं उठता।
राज्यपाल के फैसले पर विपक्षी दलों में नाराजगी है। सीपीआई ने राज्यपाल से संविधान के अनुसार काम करने की अपील की है और कहा कि सबसे बड़ी पार्टी को बहुमत साबित करने का मौका दिया जाना चाहिए। वीसीके के थोल थिरुमावलवन और कमल हासन ने भी विजय का समर्थन किया है।



