अमित बघेल पर बेंगलुरु में नया केस दर्ज, अब तक 12वीं FIR, अग्रवाल-सिंधी समाज पर किया था टिप्पणी

रायपुर। अमित बघेल के खिलाफ कर्नाटक के बेंगलुरु में एक और मामला दर्ज किया गया है। डिफेंस कॉलोनी इंद्रानगर निवासी रामकृष्ण पी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल ने उनकी जाति और उनके आराध्य देवता को अपशब्द कहकर अपमानित किया। शिकायतकर्ता ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस एफआईआर के साथ ही अमित बघेल पर देशभर में दर्ज मामलों की संख्या 12 हो गई है। रायपुर पुलिस उन्हें फरार बताते हुए लगातार दबिश दे रही है और गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस का कहना है कि बघेल अपने परिचितों के घरों में छिपते हुए स्थान बदल रहे हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।
यह विवाद 27 अक्टूबर को उस समय शुरू हुआ जब छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ के बाद अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, झूलेलाल और सिंधी समाज के देवताओं के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। उनकी टिप्पणी के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किए और अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई। बेंगलुरु, रायपुर, दुर्ग, धमतरी, इंदौर, ग्वालियर, नोएडा, महाराष्ट्र और प्रयागराज में भी मामले दर्ज किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति विवाद 26 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब रायपुर के वीआईपी चौक पर मूर्ति से तोड़फोड़ की गई। आरोपी मनोज सतनामी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस और परिवार के अनुसार वह मानसिक रूप से बीमार है और नशे की हालत में उसने यह हरकत की।
अमित बघेल की टिप्पणी के बाद समाज में व्यापक नाराजगी देखी गई। सिंधी पंचायत के पदाधिकारियों ने बैठक कर पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। कई जिलों में समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई।
छत्तीसगढ़ महतारी की जिस प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हुआ, वह तेलीबांधा स्थित छत्तीसगढ़ महतारी उद्यान में स्थापित है। इसका अनावरण 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया था। प्रतिमा में छत्तीसगढ़ी परिधान में मातृ स्वरूपा महिला को धान की बालियों और दीपक के साथ दर्शाया गया है, जो राज्य की संस्कृति, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।



