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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

जांजगीर-चांपा में पेयजल, अधोसंरचना और योजनाओं की धीमी प्रगति पर विधायक ब्यास कश्यप ने उठाए सवाल

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2026 में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान जांजगीर-चांपा के विधायक ब्यास कश्यप ने अपने विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विशेष रूप से पेयजल व्यवस्था, अधोसंरचना कार्यों की धीमी गति और योजनाओं के अधूरे क्रियान्वयन पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
विधायक कश्यप ने कहा कि जांजगीर शहर जिला मुख्यालय बने लगभग 27 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी गर्मियों में शहरवासियों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि पूर्व में 36 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी, जिसमें इंटेकवेल, पाइपलाइन और टंकी का निर्माण होना था, लेकिन कार्य अधूरा रह गया। अब 24 करोड़ रुपये का नया प्रस्ताव तैयार हुआ है, फिर भी कार्य में अपेक्षित गति नहीं दिख रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि पाइपलाइन बिछाने और इंटेकवेल निर्माण का काम कब तक पूरा होगा तथा शहरवासियों को नियमित पेयजल आपूर्ति कब मिलेगी।
कश्यप ने कहा कि हसदेव नदी के तट पर बसे होने के बावजूद जांजगीर में पेयजल संकट है। वर्तमान में नहर में पानी आने से बोरों में पानी मिल जाता है, लेकिन यदि नहर बंद हो जाए तो भूजल पर निर्भरता बढ़ जाएगी। इसलिए नदी के पानी को इंटेकवेल के माध्यम से टंकी तक पहुंचाकर घर-घर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने जांजगीर-नैला नगर पालिका क्षेत्र में नाली और जल निकासी की समस्या का भी उल्लेख किया। कश्यप ने कहा कि मुख्य मार्गों पर नालियों के अभाव में बरसात के दिनों में दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है। इस कारण शहर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की आवश्यकता है।
विधायक ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से टंकियों और पाइपलाइन का विस्तार किया गया है, लेकिन आज भी कई गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि योजनाएं बनती तो हैं, परंतु उनका क्रियान्वयन समय-सीमा में पूरा नहीं हो पाता।
कश्यप ने अधोसंरचना विभागों में कार्यों की निगरानी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर इंजीनियरिंग कार्यों का सही निरीक्षण नहीं हो पाता, जिससे कागजों में काम पूरा दिखा दिया जाता है, जबकि वास्तविकता में कार्य अधूरा रहता है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक जिले में सक्षम इंजीनियरों की नियुक्ति कर योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने जांजगीर और चांपा शहरों में स्वच्छ और आधुनिक मुक्तिधाम निर्माण के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने की मांग भी की।
विधायक ब्यास कश्यप ने सरकार से अपेक्षा जताई कि बजट में जिन योजनाओं और कार्यों की घोषणा की जाती है, उन्हें समय-सीमा में धरातल पर उतारा जाए, ताकि जनता को उनका वास्तविक लाभ मिल सके।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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