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बिलासपुर–कटनी रेल सेक्शन में ट्रेन की टक्कर से तेंदुए की मौत, एक घंटे तक बाधित रहा रेल यातायात

बिलासपुर। रेल मंडल बिलासपुर के अंतर्गत बिलासपुर–कटनी रेल सेक्शन पर एक दर्दनाक घटना सामने आई है। भनवारटंक स्टेशन के बाद जंगल क्षेत्र में ट्रेन की चपेट में आने से एक तेंदुए की मौत हो गई। इस घटना के चलते संबंधित मालगाड़ी करीब एक घंटे तक मौके पर खड़ी रही, जिससे रेल परिचालन प्रभावित हुआ।

घने जंगल से गुजरता है रेल मार्ग
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिलासपुर से कटनी के बीच अनूपपुर और जैतहरी तक का इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है। इस क्षेत्र में बाघ, तेंदुआ सहित कई वन्यप्राणियों का प्राकृतिक आवास है। अक्सर वन्यप्राणी भटकते हुए रेलवे ट्रैक पर आ जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

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पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
रेलवे का कहना है कि बिलासपुर–कटनी सेक्शन में वन्यप्राणियों की ट्रेन से टक्कर की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं। खासतौर पर रात और सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण ट्रेन चालकों को सतर्कता बरतने में कठिनाई होती है।

बाउंड्रीवाल न होने से बढ़ रही परेशानी
रेलवे ट्रैक के आसपास बाउंड्रीवाल या फेंसिंग न होने के कारण वन्यप्राणी आसानी से पटरियों तक पहुंच जाते हैं। इससे न केवल जानवरों की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि ट्रेन परिचालन और चालकों की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है।

वन विभाग और रेलवे में समन्वय की जरूरत
इस घटना के बाद एक बार फिर रेलवे ट्रैक के किनारे सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वन विभाग और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय, फेंसिंग, चेतावनी संकेत और स्पीड कंट्रोल जैसे उपाय अपनाकर इस तरह की घटनाओं को कम किया जा सकता है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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