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लछनपुर घाट सूना, नवापारा बना रेत तस्करों का नया ठिकाना, बलौदा-नवापारा क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा अवैध रेत उत्खनन, बिलासपुर और कोरबा तक पहुंच रही रेत, खनिज विभाग की निगरानी पर उठ रहे सवाल, दिन-रात सक्रिय हैं रेत कारोबारी

जांजगीर-चांपा। हसदेव नदी से अवैध रेत उत्खनन का कारोबार अब नए ठिकानों की तलाश में लगातार फैलता जा रहा है। जानकारी के अनुसार, लछनपुर घाट में रेत की उपलब्धता कम होने के बाद रेत कारोबारियों ने अब बलौदा के नवापारा क्षेत्र को अपना नया केंद्र बना लिया है। यहां से बड़े पैमाने पर रेत निकालकर आसपास के जिलों में सप्लाई किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नवापारा क्षेत्र में दिन-रात रेत का अवैध उत्खनन जारी है। नदी से निकाली जा रही रेत को पहले अस्थायी डंपिंग स्थलों में जमा किया जाता है, जिसके बाद हाइवा वाहनों के माध्यम से बिलासपुर और कोरबा जिले तक पहुंचाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ समय से लछनपुर घाट में रेत की उपलब्धता घटने लगी है। इसके चलते रेत कारोबारियों ने अपना फोकस नवापारा क्षेत्र की ओर कर दिया है। परिणामस्वरूप यहां रेत उत्खनन और परिवहन की गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह से लेकर देर रात तक नदी किनारे ट्रैक्टर और हाइवा वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। कई बार एक के बाद एक भारी वाहन रेत भरकर निकलते देखे जाते हैं।

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बलौदा मार्ग बना परिवहन का प्रमुख रास्ता

जानकारी के अनुसार नवापारा क्षेत्र से निकाली जा रही रेत को बलौदा मार्ग के जरिए बिलासपुर और कोरबा भेजा जा रहा है। बड़ी संख्या में हाइवा वाहन इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मार्ग पर नियमित निगरानी रखी जाए तो अवैध परिवहन के कई मामलों का खुलासा हो सकता है।

खनिज विभाग की कार्रवाई पर सवाल

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क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गतिविधियों के बावजूद खनिज विभाग की ओर से बड़े स्तर की कार्रवाई नजर नहीं आने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब खुलेआम नदी से रेत निकाली जा रही है और भारी वाहनों से परिवहन हो रहा है, तब संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

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शासन को राजस्व नुकसान की आशंका

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि बिना वैध अनुमति के रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है तो इससे शासन को भारी राजस्व नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नवापारा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए, अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा हसदेव नदी के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। फिलहाल, क्षेत्र में अब चर्चा इस बात की है कि क्या बनारी तिराहा की जांच चौकी और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था नवापारा क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा पाएगी, या फिर रेत तस्कर नए रास्ते तलाशकर अपना कारोबार जारी रखेंगे।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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