CSPGCL to List on Stock Exchange: शेयर बाजार में सूचीबद्ध होगी छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी; ₹200 करोड़ के बॉन्ड जारी करेगी सरकार

रायपुर। राज्य में ऊर्जा अधोसंरचना को मजबूती प्रदान करने, आम जनता और संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (Listing) कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराने के लिए ₹200 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी किए जाएंगे। राज्य सरकार इस निवेश को सुरक्षित बनाने के लिए मूलधन और ब्याज के भुगतान पर अपनी 100% सॉवरेन गारंटी (Government Guarantee) प्रदान करेगी, साथ ही प्रत्याभूति शुल्क में भी छूट दी जाएगी।
CSPGCL की वर्तमान विद्युत उत्पादन क्षमता
छत्तीसगढ़ की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता (लगभग 26,400 मेगावाट) में CSPGCL की हिस्सेदारी लगभग 11 प्रतिशत है। शेष 89 प्रतिशत क्षमता NTPC और निजी उत्पादकों (जैसे जिंदल, अडानी, बाल्को आदि) के पास है।
कंपनी वर्तमान में चार तापीय (Thermal) और एक जल विद्युत (Hydro) संयंत्र के जरिए कुल 2,960 MW बिजली का उत्पादन करती है:

नई परियोजनाएं और भविष्य का विस्तार प्लान (2026-27 से 2029-30)
वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 के अपने पूंजी निवेश प्लान (Capital Investment Plan) में CSPGCL ने उत्पादन क्षमता में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया है:
- 1,320 MW की नई सुपरक्रिटिकल इकाइयां: हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPS), कोरबा में 2 × 660 मेगावाट (कुल 1,320 मेगावाट) की नई अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, जो वर्तमान में पर्यावरणीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया में हैं।
- प्रदूषण नियंत्रण (FGD तकनीक): सल्फर डाइऑक्साइड ($SO_2$) के उत्सर्जन को नए मानकों के अनुरूप नियंत्रित करने के लिए कंपनी के सभी प्रमुख थर्मल प्लांटों में Flue Gas Desulphurization (FGD) सिस्टम स्थापित किया जा रहा है।
- R&M और ग्रीन एनर्जी: पुराने संयंत्रों के जीवनकाल और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए Renovation & Modernization (R&M) का काम जारी है। इसके साथ ही सौर ऊर्जा (Solar Energy) परियोजनाओं को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
“CSPGCL की शेयर बाजार में लिस्टिंग से राज्य के पावर सेक्टर में पूंजी निवेश बढ़ेगा और बिजली उत्पादन व वितरण प्रणाली को नई गति मिलेगी।”



