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होम लोन EMI न भरने पर कितना लगेगा जुर्माना? क्या होगा सिबिल पर असर, जानिए बैंक के नियम

अगर किसी महीने होम लोन की EMI समय पर नहीं भर पाते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कई बार सैलरी लेट होने, अचानक खर्च बढ़ने या मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति में ऐसा हो जाता है. EMI की तय तारीख निकलते ही बैंक का सिस्टम आपके खाते को ओवरड्यू दिखाने लगता है. शुरुआत में आपको मैसेज या ईमेल के जरिए याद दिलाया जाता है. अगर कुछ दिन और देरी होती है तो बैंक की कलेक्शन टीम कॉल करके कारण पूछ सकती है.

बैंक इस देरी पर लेट पेमेंट चार्ज या पेनल्टी ब्याज लगाता है. यह रकम बैंक और लोन एग्रीमेंट के अनुसार अलग-अलग होती है. आम तौर पर यह बकाया EMI पर अतिरिक्त ब्याज के रूप में जोड़ी जाती है. जितने दिन देरी, उतना ज्यादा चार्ज. इसलिए देरी होने पर जल्द भुगतान करना समझदारी होती है.

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क्या CIBIL स्कोर तुरंत खराब होता है?
अक्सर लोगों को डर होता है कि एक दिन EMI लेट हुई तो क्रेडिट स्कोर गिर जाएगा, लेकिन आम तौर पर बैंक 30 दिन से ज्यादा की देरी होने पर ही जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को भेजते हैं. अगर आप एक महीने के भीतर बकाया चुका देते हैं, तो ज्यादा असर नहीं पड़ता. हां, अगर बार-बार EMI लेट होने लगे तो आपका CIBIL स्कोर तेजी से गिर सकता है और भविष्य में नया लोन लेना मुश्किल हो सकता है.

क्या बैंक घर पर कब्जा कर सकता है?
एक EMI मिस होने पर बैंक न तो तुरंत कानूनी नोटिस भेजता है और न ही घर पर कब्जा करता है. बैंकिंग नियमों के मुताबिक, अगर 90 दिनों तक लगातार भुगतान नहीं होता, तभी लोन को एनपीए माना जाता है. उसके बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होती है. यानी एक महीने की चूक से घर जाने का खतरा नहीं होता, लेकिन लगातार लापरवाही भारी पड़ सकती है.

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ऐसी स्थिति में क्या करें?
अगर EMI छूट गई है तो सबसे पहले बैंक से संपर्क करें और सही कारण बताएं. कोशिश करें कि जल्द से जल्द पेनल्टी सहित रकम जमा कर दें. अगर परेशानी लंबी है तो बैंक से री-शेड्यूलिंग या मोरेटोरियम जैसे विकल्पों पर बात की जा सकती है. खुलकर बातचीत करने से अक्सर रास्ता निकल आता है.

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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