प्रधान पाठिका लीली रुथ टोप्पो की उच्चस्तरीय शिकायत,सामान्य जाति को कूटरचित दस्तावेज के माध्यम से आदिवासी बताकर लाभान्वित होने के आरोप

छत्तीसगढ़/कोरबा : शासकीय प्राथमिक शाला कोहड़िया की प्रधान पाठिका द्वारा फर्जी आदिवासी बनकर नौकरी हासिल कर लाभान्वित होने का मामला प्रकाश में आया है। प्रधान पाठिका श्रीमती लिली रुथ टोप्पो के विरुद्ध शिकायतकर्ता ने सिविल सेवा आचरण के तहत कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ के सचिव को पत्र लिखा है
शिकायत में उल्लेख किया गया है शासकीय प्राथमिक शाला कोहड़िया विकासखंड कोरबा की प्रधान पाठिका के पद पर पदस्थ श्रीमती लिली रुथ टोप्पो सामान्य वर्ग की महिला है उनका विवाह राजेंद्र कुमार टोप्पो से हुआ जो आदिवासी वर्ग से आते हैं लिली रुथ दान सामान्य वर्ग की लड़की थी आदिवासी लड़के के साथ विवाह करने के बाद दस्तावेजों में कूट रचना करते हुए तत्कालीन पटवारी एवं विभाग के अधिकारियों के साथ मिली भगत कर फर्जी आदिवासी का प्रमाण पत्र बनवाने में कामयाब हो गई और इसी के आधार पर नौकरी भी हासिल कर ली कुल मिलाकर नौकरी की चाह में स्वयं को आदिवासी बताकर आज की तारीख तक लाभान्वित हो रही है।
शिकायतकर्ता ने छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को लिखित पत्र के माध्यम से मामले को गंभीरता से लेते हुए छानबीन समिति से जाति प्रमाण पत्र की जांच करवाते हुए दोषी पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण अधिनियम के तहत करवाई करते हुए बर्खास्त करने का उल्लेख किया है।
इस तरफ कूटरचित फर्जी तरीके से जाति का प्रमाण प्रस्तुत कर लाभान्वित होने वाले शिक्षिका पर कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में फर्जी तरीके से जाति का प्रमाण पत्र बनवाने वालों को कानूनी कार्रवाई का भय हो साथ ही वास्तव में जो आदिवासी है उसे आरक्षित पद के लाभ से वंचित होना ना पड़े।



