Hanuman Janmotsav 2025 : इस बार कब मनाया जाएगा हनुमान जन्मोत्सव? कैसे करें पूजा अर्चना, एक क्लिक में ले पूरी जानकारी…

नई दिल्ली। भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त, अष्टसिद्धि नव निधि के दाता, संकटमोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव इस वर्ष भी पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। चैत्र मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को पड़ने वाला यह पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी आज भी जीवित हैं और जहां श्रीराम का नाम लिया जाता है, वहां वे अवश्य विराजते हैं। संकट में फंसे भक्तों की रक्षा करना उनका व्रत है। यही कारण है कि इस दिन देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन किया जाता है।
इस वर्ष कब है हनुमान जन्मोत्सव?
इस साल हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 12 अप्रैल को सुबह 3:21 बजे आरंभ होकर 13 अप्रैल को सुबह 5:51 बजे तक रहेगी। उदया तिथि को प्राथमिकता देते हुए पर्व 12 अप्रैल को मनाया जाएगा।
क्या है हनुमान जन्मोत्सव का महत्व?
हनुमान जी को शक्ति, साहस, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, उनकी आराधना से भय, कष्ट, रोग, शत्रु और दरिद्रता से मुक्ति मिलती है। इस दिन विशेष रूप से हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, और बजरंग बाण का पाठ करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
पूजन विधि
– प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ लाल वस्त्र धारण करें।
– हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीपक जलाएं।
– उन्हें सिंदूर, लाल फूल, तुलसी दल, चोला, और बूंदी के लड्डू अर्पित करें।
– इस विशेष मंत्र का जाप करें:
“ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः॥ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्॥”
– इसके बाद हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें।
– अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें।



