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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

गौठान से मिला समूह को स्वरोजगार का प्लेटफार्म,  खजुरानी गौठान में आजीविका गतिविधियों से जुडकर बन रहीं आत्मनिर्भर महिलाएं…

गौठान से मिला समूह को स्वरोजगार का प्लेटफार्म
 
 खजुरानी गौठान में आजीविका गतिविधियों से जुडकर बन रहीं आत्मनिर्भर महिलाएं
जांजगीर-चांपा। गौठान में स्व सहायता समूह की महिलाओं का स्वरोजगार का प्लेटफार्म मिलने लगा है। यह प्लेटफार्म उनकी परिवार की गाड़ी को बेहतर तरीके से चला रहा है और इससे उनकी तेज रफ्तार गाड़ी पटरियों पर बेहतर तरीके से दौड़ रही है। भागदौड़ भरी जिंदगी में वह सभी आर्थिक रूप से सक्षम होकर गांव में मिसाल दे रही हैं, उनके आगे बढ़ने की इस पहल से लोगों में एक नई ऊर्जा का संचार हो रहा है, और यह सब इसलिए संभव हो सका, क्योंकि उनके गांव में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से गौठान का निर्माण किया गया। इस गौठान में गोधन न्याय योजना में पशुपालक, स्व सहायता समूह जुड़कर आगे बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर समूह की महिलाएं आजीविका गतिविधियों से सफल हो रही हैं।
सक्ती जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत जैजैपुर की ग्राम पंचायत खजुरानी में बनाई गई गौठान में जागृति महिला स्व सहायता समूह, वंदना महिला स्व सहायता समूह, आराधना महिला स्व सहायता समूह, प्रार्थना महिला स्व सहायता समूह, रोशनी महिला स्व सहायता समूह, विश्वसरस्वती महिला स्व सहायता समूह कार्य करते हुए आजीविका प्राप्त कर रही है। जानकारी के अनुसार जागृति महिला स्व सहायता समूह एवं वंदना महिला स्व सहायता समूह के द्वारा वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण किया जा रहा है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने का प्रशिक्षण लेने के उपरांत महिलाएं इस कार्य को करने के लिए तैयार हो गई। गोधन न्याय योजना से गौठान प्रबंधन समिति ने पशुपालकों से 3 लाख 15 हजार 339 किलोग्राम गोबर खरीदकर समूह का उपलब्ध कराया तो समूह की महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट के मिले हुए प्रशिक्षण को वर्मी कम्पोस्ट के कार्य में लगाया। दोनों समूह के द्वारा 1 लाख 66 हजार 620 किलोग्राम वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया गया। यह उत्तम क्वालिटी का वर्मी कम्पोस्ट जो जैविक खेती को बढ़ाने में अहम किरदार निभा रहा है। इसको समूह की महिलाओं द्वारा सेवा सहकारी सोसायटी के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया गया। जिससे उन्हें लाभांश के रूप में आमदनी प्राप्त हुई। इस आमदनी का उपयोग उन्होंने अपने घर परिवार एवं अन्य दीगर जरूरतों को पूरा करने में लगाया।
गोबर बेचना सबको भाया
गोबर से जहां वर्मी कम्पोस्ट बनाकर समूह लाभान्वित हो रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर गोबर से पशुपालक भी आमदनी कमाने में पीछे नहीं रहे। खजुरानी गौठान में पंजीकृत पशुपालक गौठान में गोबर बेचते हैं। गौठान में पशुपालक देवकुमार चंद्रा ने 38 हजार 50 किलोग्राम गोबर बेचकर 76 हजार 100 रूपए की कमाई की। इनके अलावा श्रीमती मंजू लता है, जिन्होंने 27 हजार 281 किलोग्राम गोबर बेचकर 54 हजार 562 रूपए आय के रूप में अर्जित किये, तो सूरज कुमार केंवट ने 22 हजार 557 किलोग्राम गोबर बेचा और 45 हजार 114 रूपए गोबर से आय प्राप्त की।
गांव में मिल रही ताजा सब्जी
रोशनी, प्रार्थना एवं विश्वसरस्वती समूह के द्वारा गौठान के चारागाह क्षेत्र में सब्जी बाड़ी लगाकर कार्य किया जा रहा है। शुरूआत में 15 हजार रूपए की राशि इस कार्य में लगाई, पानी, खाद एवं देखभाल करते हुए समूह ने सब्जी का अच्छा उत्पादन करना शुरू किया। समूह की महिलाओं को सब्जी से आमदनी होने लगी और इससे उन्होंने 50 हजार रूपए की आमदनी अर्जित की।
गौमूत्र से तैयार हो रहा ब्रम्हास्त्र 
गौठान में गौमूत्र से ब्रम्हास्त्र बनाने का काम आराधना स्व सहायता समूह के द्वारा किया जा रहा है। गौमूत्र की खरीदी करने के बाद गौमूत्र से ब्रम्हास्त्र बनाने की विधि का प्रयोग करते हुए समूह ने 215 किलोग्राम ब्रम्हास्त्र तैयार किया। जिसे बेचकर समूह ने 10 हजार 750 रूपए की आय अर्जित की।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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