ई-मेल में एक शब्द बदलकर 28 लाख की साइबर ठगी, बिहार से आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा। ई-मेल आईडी में मामूली बदलाव कर बैंक खाता बदलने का झांसा देकर प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, चांपा से 28 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में जांजगीर-चांपा साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक खातों से मिले सुराग के आधार पर मुख्य आरोपी को भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक बिहार के सीतामढ़ी जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य, मोबाइल फोन और आधार कार्ड जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, कोटाडबरी चांपा के पर्चेस विभाग में कार्यरत प्रार्थी ने साइबर थाना जांजगीर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक कंपनी को राउरकेला इस्पात संयंत्र के नाम से एक ई-मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें बैंक खाता बदलने की जानकारी दी गई थी। ई-मेल आईडी में केवल एक शब्द में बदलाव किया गया था। कंपनी के कर्मचारियों ने इस मामूली अंतर पर ध्यान नहीं दिया और बताए गए बैंक खाते में करीब 28 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
बाद में जब राउरकेला इस्पात संयंत्र से भुगतान प्राप्त होने के संबंध में जानकारी ली गई तो वहां से भुगतान प्राप्त नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद कंपनी को पता चला कि फर्जी ई-मेल आईडी का इस्तेमाल कर बैंक खाते में बदलाव कराया गया और रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर करा ली गई। मामले की शिकायत पर साइबर थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 03/26, धारा 318(4) बीएनएस एवं 66(C), 66(D) आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
बैंक खाते और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी श्री विजय कुमार पाण्डेय IPS के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन में साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। ठगी की रकम जिस बैंक खाते में पहुंची, उसकी जानकारी जुटाने पर खाता पंकज मुखिया, पिता जहरा मुखिया, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम परिगमा, थाना चरौत, जिला सीतामढ़ी, बिहार के नाम पर होना पाया गया।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी ने अपने आधार कार्ड में पूर्व में दिल्ली का पता दर्ज कराया था, जिसे बाद में बिहार के पते पर अपडेट कराया गया। पुलिस ने बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान और उसके बिहार में मौजूद होने की जानकारी पुलिस को मिली।
इसके बाद साइबर थाना जांजगीर की पुलिस टीम बिहार के सीतामढ़ी जिले के थाना चरौत क्षेत्र पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी पंकज मुखिया को गिरफ्तार कर लिया।
साइबर ठगी की रकम खाते में मंगवाकर आपस में बांटने का खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपने नाम से बैंक खाता खुलवाने तथा साइबर ठगी की रकम उक्त खाते में मंगवाने की बात स्वीकार की। आरोपी के अनुसार ठगी की रकम प्राप्त होने के बाद रकम को आपस में बांटा जाता था। आरोपी ने अपने हिस्से में मिली रकम को खर्च कर देना बताया है।
मामले में अन्य सह आरोपियों की गिरफ्तारी अभी शेष है। आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। बिहार में सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया और आरोपी को जांजगीर-चांपा लाया गया। इसके बाद आरोपी को जांजगीर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल दाखिल किया गया।
28 लाख में से 23 लाख रुपये होल्ड
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित कंपनी को बड़ी राहत मिली है। साइबर ठगी की घटना के बाद तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल/हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत किए जाने के कारण ठगी की कुल 28 लाख रुपये की रकम में से 23 लाख रुपये होल्ड कराए जा चुके हैं। पुलिस द्वारा उक्त राशि को पीड़ित को वापस कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस की लोगों से अपील
जांजगीर-चांपा पुलिस ने आम नागरिकों और व्यवसायिक संस्थानों से अपील की है कि किसी भी ई-मेल, फोन कॉल या ऑनलाइन माध्यम से बैंक खाता बदलने, भुगतान दूसरे खाते में करने अथवा किसी वित्तीय जानकारी को अपडेट करने का अनुरोध प्राप्त होने पर पहले संबंधित संस्था से सीधे संपर्क कर उसकी पुष्टि करें। ई-मेल आईडी में मामूली बदलाव को भी नजरअंदाज न करें।
पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना समय गंवाए तत्काल 1930 पर शिकायत करें, साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें अथवा नजदीकी थाने में सूचना दें। ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, रकम को होल्ड कराने और वापस प्राप्त करने की संभावना उतनी ही अधिक रहेगी।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
उक्त कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, निरीक्षक शिवानंद सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, आरक्षक शहबाज खान एवं आरक्षक गिरीश कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



